ओ पी पाण्डेय
अलीगढ़। सोमवार को अलीगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लखनऊ हादसे की जानकारी के बाद कार्यक्रम को बीच स्थगित कर भले ही तुरंत लखनऊ लौटना पड़ा हो लेकिन अलीगढ़ के प्रवास को दौरान वह इस जनपद से अपने प्रेम को एक बार फिर दर्शा गए। उन्हों अलीगढ़ को करीब 462 करोड़ रुपये लागत की 85 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने राजा महेन्द्र प्रताप विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और जनपद प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक भी की। कलेक्ट्रेट पहुॅचकर लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा एवं नये कार्यों की कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के साथ ही जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि मण्डलायुक्त संगीता सिंह, डीआईजी प्रभाकर चौधरी, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज कुमार जादौन सहित प्रशासनिक एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नुमाइश मैदान में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विकास, विरासत और सुशासन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अलीगढ़ निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है और विकास की यह यात्रा अविराम जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री जी ने अलीगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी विरासत का स्मरण करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रनायक राजा महेन्द्र प्रताप सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि इसी पावन भूमि से राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने विदेशी धरती पर भारत की प्रथम अस्थायी सरकार का गठन कर स्वतंत्रता संग्राम का शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री ने बाबा खेरेश्वर महादेव, अचलेश्वर महादेव सहित जिले के प्राचीन धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन धरोहरों ने अलीगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और संकल्पों ने अलीगढ़ सहित प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। मुख्य मंत्री ने कहा कि कोल एवं शहर विधानसभा क्षेत्रों सहित पूरे जनपद में विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। विकास की प्रक्रिया किसी भी स्थिति में रुकने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ के कारीगरों, हस्तशिल्पियों एवं उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिश्रम और कौशल ने अलीगढ़ को ताला नगरी के रूप में विश्वव्यापी पहचान दिलाई है। आज यही अलीगढ़ रक्षा उत्पादन एवं सुरक्षा उपकरणों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना से अलीगढ़ को नई शैक्षिक पहचान मिली है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर का आधुनिक स्वरूप विकसित किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि अलीगढ़ क्षेत्र में केवल लोक निर्माण विभाग की लगभग 2800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन पर तेजी से कार्य प्रगति पर है। इनमें सड़क निर्माण, फ्लाईओवर, पॉलीटेक्निक संस्थान, अस्पताल, महाविद्यालय एवं विभिन्न जनसुविधा केंद्रों का निर्माण शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद सतीश गौतम, विधायक कोल अनिल पाराशर, ठा0 रघुराज सिंह, एमएलसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह, एमएलसी चौ0 ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह एवं महानगर अध्यक्ष इंजी0 राजीव शर्मा ने भी संबोधित किया। यहां विधायक कोल अनिल पाराशर ने ताला-चाबी, विधायक शहर श्रीमती मुक्ता संजीव राजा ने हनुमान जी, भाजपा जिलाध्यक्ष अलीगढ़ कृष्ण पाल प्रधान ने भगवान श्री कृष्ण एवं महानगर अध्यक्ष ने तिरूपति भगवान की प्रतिमा मुख्यमंत्री को भेंट कर उनका स्वागत व सम्मान किया गया। सोमवार को हुए कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री शिवनारायण शर्मा एवं पूनम शर्मा द्वारा किया गया।
