आलोक ठाकुर
कानपुर। कई प्रदेशों में सक्रिय गांजा तस्कर उड़ीसा तथा चित्रकूट से गांजा लाकर कानपुर व आसपास के जिलों में बेंच रहे थे। तस्कर इतने शातिर थे कि इनकी चेन पकड़ना बहुत मुश्किल था। शासन के निर्देश पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल द्वारा मादक पदार्थ बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत क्राइम ब्रांच और थाना बिधनू पुलिस ने इस गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की और एडीसीपी क्राइम सुमित सुधाकर रामटेके को मिली एक सूचना पर काम कर पुलिस ने दो चार पहिया वाहनों को पकड़ा और इसमें छिपाकर कानपुर तथा आसपास के जनपदों में सप्लाई करने के लिये लाया गया करीब एक करोड़ रुपये का गांजा बरामद किया। पुलिस ने 200 किलो से अधिक गांजा के दो मादक पदार्थ तस्करों को भी गिरफ्तार किया है।
चार पहिया वाहनों से लाते थे मादक पदार्थ

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बिधनू क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान दो कारों को रोककर तलाशी ली गई तो उनमें पार्सल के रूप में पैक कर रखा लगभग 200 किलो गांजा मिला। पुलिस ने कार सवार रोहित और शिवम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उड़ीसा से लाई गई यह गांजे की खेप चित्रकूट और आसपास के जनपदों में सप्लाई की जानी थी। तस्करों का उद्देश्य दो कारों में माल भरकर आराम से गंतव्य तक पहुंचना था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी योजना विफल हो गई।
बरामद गांजा करीब एक करोड़ का, तस्करों की तलाश में छापे

सहायक पुलिस आयुक्त संकल्प वर्मा ने बताया कि पकड़े गए तस्कर कानपुर व आसपास के जनपदों में गांजा की सप्लाई करते थे। इस बार चित्रकूट से गांजें की खेप लाई गई थी इसे कानपुर के कुछ लोगों को देना था। सटीक सूचना पर इनके पास से करीब एक करोड़ रुपये का गांजा बरामद किया गया है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में सामने आया कि यह तस्कर चेन बनाकर काम करते थे। इसके पहले वह उड़ीसा से लेकर कानपुर में गांजे के आपूर्ति कर चुके हैं। यह तस्कर पहले चित्रकूट से लाकर यहां गांजा बेच चुके हैं। क्राइम ब्रांच को तकनीकी सहायता से तस्करों की आपसी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे सिंडिकेट और पर्दे के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। मामले में संलिप्त अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।
