ॉसरस वाजपेयी।
बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत को पक्का करने के लिए खासतौर पर कानपुर से भेजे गये कनपुरिया कार्यकर्ता बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जड़ हिलाने में लगे है। कनपुरियो की सूचनाअों पर टीएमसी के लिए मतदान कराने वाले दबंग गुंडो को अब तक जेल भेजा जा चुका है। यही नही कनपुरियो की शिकायत पर एक दर्जन से ज्यादा एेसे अधिकारियों को चार्ज से हटाया जा चुका है जो चार्ज पर रहते हुए टीएमसी के कट्टर समर्थक होकर कार्य कर रहे थे। भाजपा से जुड़े जानकारो लोगो की मानी जाये तो भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश से कार्यकर्ताअों को पश्चिमबंगाल भेजा है। भाजपा नेताअों की नजर कानपुर से जुड़े नेताअों व कार्यकर्ताअों पर ज्यादा रही, क्योकि भाजपा थींक टैंक की नजर में कनपुरिये ज्यादा जुझारू और अन्दर तक पैठ बनाकर अपना काम करने में महारत हासिल किए है।

बूथ जीतने की बना रहे रणनीति
भाजपा की राजनीति से जुड़े भरोसेमंद लोगों की मानी जाय तो वर्तमान में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी, विधायक महेश त्रिवेदी, विधान परिषद सदस्य अरूण पाठक. संगठन में भी गहरी पैठ रखने वाले छात्रराजनीति से जुड़े सुरेश अवस्थी तथा मनोजकांत मिश्रा आदि को पश्चिम बंगाल चुुनाव में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने और टीएमसी का तिलिस्म तोड़ने के काम में विशेष तौर पर लगाया गया है। जानकारो का कहना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत का माहौल बनाने के लिए इन नेताअो ने संगठन स्तर पर तैयारी करने व बूथ जीतने की रणनीति बनाने के साथ ही टीएमसी की जड़ को हिलाने का भी काम शुरू किया है।

सांसद व युवा नेता दिखा रहे पत्रकारिता का अनुभव
जानकार लोगो की मानी जाये तो पश्चिमबंगाल में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में लगे पत्रकार जगत से जुड़े रहे कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी व लम्बे समय तक अमर उजाला व दैनिक जागरण जैसे संस्थानो में सेवा देने वाले मनोज कांत मिश्रा ने एक रणनीति बनायी जिसके तहत बूथ स्तर पर एेसे अपराधिक छवि के लोगो की तलाश की गयी जो अपनी दबंगई के बल पर टीएमसी के पक्ष में मतदान कराते रहे है। टीएमसी के इन दबंग समर्थको का आम मतदाताअों के मन से भय हटाने के लिए इन दोनो नेताअो ने पत्रकार का दिमाग लगाये और इन दबंगो के अपराधिक इतिहास की जानकारी एकत्र कर पुलिस अधिकारियों को सौंपा। जिसके आधार पर पुलिस मतदान के पहले टीएमसी के इन दबंग समर्थको को सलाखों के पीछे करने में लगी है।

टीएमसी समर्थक अधिकारियों को हटाने की रणनीति
राजनीति के जानकारो का कहना है कि टीएमसी की जड़ हिलाने में लगे कानपुर के इन भाजपाईयों ने आम लोगो के मन से टीएमसी का भय खत्म करने के लिए जो दूसरी रणनीति बनायी उसके तहत उन अधिकारियों का पता लगाया गया जो लंबे समय से बंगाल में तैनाती के कारण टीएमसी के समर्थक बनकर काम कर रहे थे। पुख्ता जानकारी इकट्ठा करने के बाद कानपुर के भाजपाई ऐसे अधिकारियों को उनकी वर्तमान तैनाती स्थल से हटवाने का काम भी कर रहे है। एेसे लगभग एक दर्जन अधिकारियों को अब तक चार्ज से हटवाया जा चुका है। बंगाल में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिनरात एक करने वाले कानपुर के भाजपाईयो का मानना है कि टीएमसी समर्थक दबंगो और अधिकारियों पर काररवाई होने से आम मतदाताअों में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा है। जो चुनाव परिणाम में सामने आ सकता है।
