अनीता बाजपेयी
इस बार गर्मी का मौसम पिछले सारे रिकार्ड तोड़ सकता है। भीषण गर्मी पड़ने लगी है। दोपहर में घर से निकलना बच्चो और बुजुर्गो के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बच्चे व बुजुर्ग तथा गम्भीर रूप से ग्रसित लोग अभी से सर्तक हो जाये। अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव कर आप गर्मी की चपेट में आने से बच सकते है।
मौसम विभाग से जुड़े लोगो की मानी जाये तो वर्ष 2026 गर्मी का रिकार्ड तोड़ने वाला वर्ष साबित हो सकता है। इस वर्ष अप्रैल में ही जिस तरह से गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू किया वह इस बात का संकेत देता है कि अगर लोगो ने सर्तकता न बरती तो उनके शरीर में पानी की मात्रा कम हो सकती है। वह लोग डिहाईड्रेशन का शिकार हो सकते है।
गर्मी से बचाव के लिये यह करें तो बेहतर
दोपहर 11 से 04 बजे तक घर से निकलने से किया जाए परहेज
घर से निकलें तो काटन के कपड़े पहकर ही निकलें
छाता-टोपी अंगौंछे का करें इस्तेमाल
पानी पीकर घर से निकलें और साथ में हर समय रखें पानी
प्यास न लगने पर भी पीते रहें पानी यह स्वास्थ्य के लिये अच्छा
अभी और बढ़ेगी गर्मी, सबसे गर्म रह सकता है वर्ष 2026
बुजुर्ग और बच्चों के साथ ही बीमार लोग भी करें अपना बचाव
भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए बच्चे और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है इसके लिये यह करना भी आपके लिये उपयोगी साबित हो सकता है।
1. पानी की मात्रा:* प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। बच्चों को खेल-कूद के बीच में पानी पीने की याद दिलाते रहें।
प्राकृतिक पेय:* नींबू पानी, ओआरएस, नारियल पानी, लस्सी, बेल का शरबत और पना का सेवन करें। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं।
* *हल्का भोजन:* एक बार में ज्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा और सुपाच्य भोजन लें। ताजे फल (तरबूज, खरबूजा, खीरा) और हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें।
2. * *कपड़ों का चयन:* सूती हल्के रंग के और ढीले-ढाले कपड़े पहनें। ये पसीना सोखते हैं और हवा के संचार में मदद करते हैं।
* *बाहर जाते समय:* यदि बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो सिर को टोपी, छाते या सूती गमछे से ढक कर रखें। आंखों के बचाव के लिए धूप के चश्मे का प्रयोग करें।

3. दोपहर में बाहर न निकलें सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रहना चाहिए।
ठंडी जगह पर रहें, घर के सबसे ठंडे कमरे में रहें। खिड़कियों पर पर्दे डालें ताकि सीधी धूप अंदर न आए। शाम को जब तापमान कम हो जाए, तभी टहलने या खेलने निकलें।
4. ठंढे पानी से करें परहेज
लक्षणों को पहचानें यदि चक्कर आना, अत्यधिक थकान, सिरदर्द, जी मिचलाना या शरीर का तापमान बढ़ना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
* *ठंडे पानी से परहेज:* धूप से तुरंत आकर फ्रिज का बहुत ठंडा पानी न पिएं। शरीर के तापमान को सामान्य होने दें, फिर सादा या मटके का पानी पिएं।
5. बुजुर्गों को अक्सर प्यास कम महसूस होती है, इसलिए उन्हें समय-समय पर तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।
* यदि वे किसी बीमारी (बीपी या शुगर) की दवा ले रहे हैं, तो गर्मी में दवाओं के प्रभाव और पानी की मात्रा के बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
