निशंक न्यूज
कानपुर। गंगा बैराज के पास कटरी क्षेत्र में गुरुवार को एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान चला रहे पायलट सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक पुजारी की मौत हो गई। हादसा नत्था पुरवा गांव के पास करीब दोपहर 12 बजे हुआ। विमान चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर का बताया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन और अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंच गए। क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण राहत और बचाव टीमों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर करीब 12 बजे हुआ हादसा
बताया गया कि विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे चकेरी ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद 11:50 बजे विमान हादसे का शिकार हो गया। चकेरी स्थित ट्रेनिंग सेंटर से दुर्घटनास्थल की दूरी करीब 39 किलोमीटर बताई जा रही है। हादसे के बाद विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट का शव काफी देर तक विमान के मलबे में फंसा रहा। कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका।
हवा में लहराया और अचानक नीचे आ गिरा विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान कुछ देर तक हवा में असामान्य तरीके से लहराता दिखाई दिया। करीब दो सौ मीटर तक लहराने के बाद वह अचानक नीचे आ गिरा। विमान के जमीन पर गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
कर्नाटक का रहने वाला था ट्रेनी
हादसे में जान गंवाने वाला ट्रेनी अभिषेक पुजारी मूल रूप से कर्नाटक का रहने वाला बताया गया है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विमान चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर का था। पायलट सचिन भाटिया के पास करीब 3000 घंटे उड़ान का अनुभव बताया गया है। विमानन क्षेत्र में इतने लंबे उड़ान अनुभव को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद हादसा कैसे हुआ, यह जांच का विषय है।
डीजीसीए को दी गई सूचना, जांच शुरू
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विमान दुर्घटना की जानकारी डीजीसीए को दे दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी और विमानन विशेषज्ञों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनास्थल को सुरक्षित कर घेराबंदी कर दी है। विमान के मलबे और मौके से मिले अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
ऊंचाई से गिरने के कारण हुई मौत
मौके पर पहुंचे चिकित्सकों के मुताबिक दोनों की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई। हादसे की वास्तविक वजह तकनीकी खराबी, पायलट से जुड़ी किसी समस्या या अन्य कारण से हुई, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। हादसे ने चकेरी से उड़ान भरने वाले प्रशिक्षण विमानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
