आलोक ठाकुर
कानपुर। वैसे तो कहा जाता है कि किसी की मृत्यु का समय व स्थान पहले से तय होता है, लेकिन अचानक कोई कारण बनता है जो किसी को मौत के मुख तक ले जाता है। जिला कारागर में कई साल से बंद हत्याभियुक्त रवि उर्फ विक्की सोनी की मौत के बाद उनसे परिजनो का साफ कहना है कि विक्की की मौत का कारण जेल प्रशासन की लापरवाही रहा। टसन के चलते एक जेलर ने हृदय रोग से पीडि़त विक्की के बार बार कहने के बाद भी उसे उपचार के लिए हृदय रोग संस्थान नही भेजा, नतीजा मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ी और उर्सला अस्पताल ले जाने पर डाक्टरो ने बताया कि उसके मौत हो चुकी है।

बताते चले कि करीब 11 साल पहले नौबस्ता थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में पुलिस ने विक्की सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब तीन साल जेल में रहने के बाद विक्की सोनी जेल से अदालत पेशी पर आने के समय पुलिस कर्मियो को चकमा देकर पुलिस हिरासत भाग गया था। इसके बाद ही वह पूरे शहर में चर्चा में आया। विक्की को तलाशने के लिए शहर पुलिस ने तमाम प्रयास किए लेकिन वह इस फरार आरोपी को पकड़ न सके। बाद में शासन ने चुनौती बने इस फरार अपराधी पर बड़ा ईनाम घोषित किया। इसके बाद नौबस्ता थाना क्षेत्र में रहने वाले इस फरार अपराधी की तलाश में एसटीएफ लग गयी। फरारी के करीब तीन साल बाद एसटीएफ ने कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र से एक मुठभेड़ के बाद विक्की को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेजा था। मंगलवार को हत्यारोपी इस अपराधी की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गयी।
हृदय रोग से पीडित विक्की सोनी को शिकायत पर भी नही भेजा हृदय रोग संस्थान

करीब 37 वर्षीय विक्की सोनी की मौत के लिए उसके परिजन जेल के एक अधिकारी की लापरवाही को जिम्मेदार बता रहे है। रवि उर्फ विक्की सोनी के भाई दीप चन्द्र सोनी का कहना है कि करीब चार महीने पहले से विक्की हृदय रोग से पीडि़त था। जिला कारागार का यह अधिकारी किन्ही कारणो के चलते विक्की से टशन रखता था। चार महीने पहले जब वह हृदय रोग से पीडि़त हुआ तब भी इस अधिकारी ने विक्की को हृदय रोग संस्थान भेजने में मौखिक तौर पर कई रोडे अटकाये। बाद में मामला संज्ञान में आने और परिजनो के अदालत की शरण लेने पर तत्कालिन जेल अधीक्षक की सख्ती पर विक्की को उपचार के लिए 5 मई को हृदय रोग संस्थान भेजा गया। यहां पूरी जांच के बाद हृदय रोग संस्थान के डाक्टरो ने विक्की को दवा देकर एक महीने बाद जांच कराने के लिए कहकर वापस जिला कारागार भेज दिया।
बीमारी की सूचना पर पहुंचे भतीजे की नही करायी हत्याभियुक्त सोनी से मुलाकात
आरोप है कि हृदय रोग संस्थान के डाक्टरो की सलाह के बाद भी हृदय रोगी विक्की का हृदय रोग संस्थान में नियमित चेकअप नही कराया गया। कहा जा है कि पिछले चार दिन से हत्याभियुक्त हृदयरोगी विक्की सोनी के सीने में दर्द हो रहा था। उसने बैरिक के प्रभारी के साथ जेलर स्तर के एक अधिकारी से सीने में दर्द होने की शिकायत करने के साथ ही स्वयं को उपचार के लिए हृदय रोग संस्थान भेजने की मांग की लेकिन इस अधिकारी ने हृदय रोगी को डपट दिया। जिस पर दोनो के बीच बहस भी होने की बात कही जा रही है। लेकिन बंदी के सीने में दर्द होने के बात इस अधिकारी ने जेल अधीक्षक अथवा अन्य किसी अधिकारी को नही बतायी। विक्की के परिजनो का आरोप है कि दो दिन पहले विक्की ने एक संदेश भी भिजवाया कि उसके सीने में दर्द है। लेकिन यह अधिकारी उसे अस्पताल नही भेज रहा है। कल सुबह करीब 10 बजे यह संदेश मिलने पर विक्की का भतीजा मंगल सोनी मिलायी करने के लिए जेल गेट पहुंचा वह अपने साथ एक भाजपा विधायक का सिफारशी पत्र भी ले गया था। लेकिन उसकी मुलाकात उसके चाचा से नही करायी गयी। वह घर लौटता इस बीच खबर आयी की विक्की की जेल में हालत बिगड़ गयी है। उसे जिला कारागार से अस्पताल लाया गया। तब तक उसकी मौत हो गयी।
28 को होनी थी जमानत पर सुनवाई 21 को हो गयी मौत
विक्की के परिवार से जुड़े लोगो का कहना है कि कई साल से जेल में बंद रवि उर्फ विक्की सोनी की जमानत का रास्ता अब खुलने लगा था। एक बार पुलिस हिरासत से भागने के कारण पहले उसकी जमानत पर सुनवाई नही हो पा रही थी। हिरासत से भागने के बाद पकड़े जाने के बीच करीब साढ़े चार साल बीत जाने पर परिवार के लोगो ने अब विक्की की जमानत के प्रयास तेज किए थे। बताया गया है कि विक्की की जमानत पर सुनवाई के लिए 28 जुलाई को हाईकोर्ट में तारीख लगी थी। विक्की व परिवार के लोग उत्तसाहित थे कि इस बार उसे जमानत मिल सकती है। लेकिन इसके पहले ही 21 जुलाई को जिला कारागार से उसकी मौत की खबर आ गयी।
