निशंक न्यूज।
कानपुर कमिश्नरेट के बिधनू थाना क्षेत्र में रहने वाले दबंग एक स्थानीय नेता से अपनी यारी के चलते पुलिस को चुनौती दे रहे है। इन दबंगों ने महिलाअों पर धारदार हथियार से हमला किया। घायलो में एक महिला की हालत गम्भीर है। पुलिस ने मुकदमा भी लिखा। लेकिन इसके बाद नेता जी की पैरवी कहा जाय या कुछ और पुलिस किसी हमलावर को गिरफ्तार नही कर सकी, और हमलावर लगातार पीडि़त परिवार को धमका रहे है।
घटना बिधनू थाना क्षेत्र के साहपुर मझांवन गांव की है। कुल्हा़डी से सर पर किए गए हमले के कारण वृद्धा की हालत गम्भीर बनी है। उसे पहले सीएससी फिर उर्सला अस्पताल भेजा गया, लेकिन हालत में सुधार न होने के कारण अब उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में घायल दो अन्य महिलाअों के भी सिर व शरीर पर गम्भीर चोटे आयी है। महिला संबंधी गम्भीर अपराध होने के बाद भी पुलिस अब तक किसी हमलावर को गिरफ्तार नही कर सकी। जब पुलिस गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंचती है तो हमलावर कही छुप जाते है। पुलिस के जाने के कुछ देर बाद ही हमलावर फिर पीड़ित परिवार को मुकदमे में समझौता करने के लिए धमकाते है।
ग्राम समाज की जमीन पर मवेशी बांधने पर हुआ विवाद
घटना के संबंध में बताया गया है कि साहपुर मझांवन में रहने वाले उमाशंकर द्विवेदी तथा राजकुमार मिश्रा का घर आमने सामने ही है। दोनो ही दूध का कारोबार करते है। द्विवेदी का कारोबार कमजोर है, और राजकुमार के परिवार में ज्यादा मवेशी है। आरोप है कि ग्राम समाज की एक जमीन पर मवेशी बांधने को लेकर राजकुमार मिश्रा तथा उमाशंकर द्विवेदी के परिवारजनो के बीच तनातनी हुई। दूध के व्यापार में द्विवेदी परिवार के धीमे धीमे आगे बढ़ने से राजकुमार मिश्रा के परिजन नाराज थे, और इन लोगो ने द्विवेदी परिवार को ग्राम समाज की जमीन पर मवेशी बांधने से मना कर दिया।
हमले के एक दिन पहले तोड़ दिये थे कैमरे

बताया गया है कि इसके बाद भी द्विवेदी परिवार मवेशी बांधता रहा तो इस बात से गुस्साये राजकुमार के पुत्र अरूण कुमार, शिवा मिश्रा आदि ने योजना बनाकर 29 मई को उमाशंकर द्विवेदी के घर के पास लगे सीसी कैमरे तोड़ डाले और गांव से दूध का व्यापार बंद करने की चेतावनी दी। इस घटना में कोई काररवाई न होने से हमलावर शिवा तथा अरूण मिश्रा का दुस्साहस बढ़ा और इन लोगों 30 मई को उमाशंकर के घर पर जाकर हमला कर दिया। हमलावरों ने उमाशंकर की मां मालती देवी उनकी पत्नी अनिता तथा पुत्री काजल पर हमला कर दिया। महिलाअों ने अपना बचाव करने के शोर मचाया तो हमलावरों ने महिलाअों के सिर पर कुल्हाड़ी तथा अन्य धारदार हथियार से इनके सिर पर हमला कर दिया। जिससे महिलाएं लहूलुहान हो गयी। गांव वालो के शोर मचाने पर हमलावर यहां से चले गये।
पुलिस की चकमा दे रहे दबंग
घायल महिलाअों की हालत तथा हमले के वीडियो देख पुलिस अधिकारियों ने हमलावरो अरूण कुमार, शिवा, कौशल किशोर, राज साहू, रवि आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि जब पुलिस ने हमलावरो की तलाश के लिए छापेमारी शुरू की तो भाजपा के एक स्थानीय नेता हमलावरो की पैरवी में खड़े हो गये। जिसके बाद हमलावर फिर गांव में घूमने लगे। पुलिस के गांव पहुंचने पर हमलावर यहां से चले जाते है और पुलिस के लौटते ही फिर पीड़ित परिवार को धमकाने लगते है।
