महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा नारायण भदौरिया गिरफ्तार

निशंक न्यूज।

कानपुर की कमिश्नरेट पुलिस को महीनो से चकमा दे रहा नारायण भदौरिया अंतता पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस ने नारायण पर कई मुकदमें दर्ज है, और वह पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी दीनू उपाध्याय का खास साथी बताया जाता है। पुलिस नारायण की गिरफ्तारी को आपरेशन महाकाल पार्ट-2 में हुई बड़ी सफलता मान रही है।

काफी समय तक भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे नारायण सिंह भदौरिया का विवादो से लम्बा नाता रहा है। अधिवक्ता नारायण सिंह भदौरिया की जन्मदिन पार्टी पर कुछ लोगों का पुलिस से विवाद हुआ था। जिसके बाद नारायण तेजी से सुर्खियों में आया। इस मामले में पुलिस ने नारायण को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद से ही नारायण के विवादो की फेहरिस्त बढ़ती गयी। पिछले दिनो धमका कर वसूली करने व जमीनो पर कब्जा करने की घटनाओं में भी नारायण भदौरिया नामजद हुआ। इसके बाद से पुलिस नारायण भदौरिया की तलाश कर रही थी। लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। नारायण की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी थी।

शातिर अपराधी को छुड़ाने के लिए पुलिस से की थी हाथापाई

बताया गया है कि भाजपा की राजनीति में सक्रिय होने के बाद नारायण लगातार पुलिस को चुनौैती देता रहा। उसकी जन्मदिन पार्टी में कुछ शातिर अपराधियों के पहुंचने की सूचना पर जब पुलिस ने कुछ मुकदमों में फरार चल रहे मनोज नाम के एक शातिर को हिरासत में लिया तो नारायण व उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। जिसका मुकदमा भी दर्ज किया गया। तत्कालीन अधिकारियों ने सख्ती की। इसके बाद इस मुकदमें में नारायण को जेल जाना पड़ा।

भाजपा नेता ने दर्ज कराया था मुकदमा

जानकार लोगो का कहना है कि नारायण भदौरिया पर पहले से मुकदमें दर्ज थे। इधर उसने भाजपा नेता अनूप तिवारी के परिवारीजन के प्लाट पर कब्जा कर लिया और उनसे लाखो रूपये की वसूली मांगी। इस मामले में भाजपा नेता अनूप तिवारी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से शिकायत की। अनूप तिवारी के पक्ष में कई भाजपा नेता भी खड़े हो गये। पुलिस ने अनूप तिवारी की तरफ से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर नारायण भदौरिया व उसके साथियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद नारायण की तलाश में पुलिस सक्रिय थी।

दीनू उपाध्याय का खास साथी है नारायण

पुलिस सूत्रो की मानी जाये तो नारायण सिंह भदौरिया लोगो को धमका कर जमीनो पर कब्जा करने के कुछ मामलो में दीनू उपाध्याय का साथी रहा है। अधिवक्ता दीनू उपाध्याय व नारायण सिंह भदौरिया को खास माना जाता है। कचहरी की राजनीति में दोनो बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे। बसपा नेता पिंटू सेंगर की हत्या में पुलिस दीनू उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कई महीनो से पुलिस नारायण की तलाश कर रही थी, लेकिन वह अपने शातिर दिमाग के कारण लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।

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