ऊना। शराब के नशे में बाइक चलाने तथा पुलिस पर मोबाइल छीनने का झूठा आरोप लगाकर कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास एक प्रवासी युवक को महंगा पड़ गया। एसीजेएम कोर्ट अंब ने आरोपी को 7 दिन की न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) तथा 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषी की पहचान दरोगा यादव निवासी बिहार के रूप में हुई है, जो टाइल लगाने का कार्य करता है और वर्तमान में अंब के साथ लगते गांव पक्का परोह में रह रहा है। जानकारी के अनुसार 26 जून को ट्रैफिक पुलिस अंब की टीम ने कटौहड़ कलां क्षेत्र में एक नाके के दौरान पुलिस ने ब असंतुलित ढंग से चल रहे बाइक चालक को रोक जब उसकी जांच की तो आरोपी कथित रूप से पुलिस कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने लग पड़ा। एल्को सेंसर से जांच करने पर उसके द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए बाइक को इम्पाउंड कर दिया और आरोपी का चालान कर दिया। गुरुवार को आरोपी चालान का निपटारा कराने के लिए कोर्ट पहुंचा। इस दौरान उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका मोबाइल अपने पास रख लिया था। आरोप के बाद कोर्ट ने ट्रैफिक इंचार्ज अंब एएसआई यशपाल को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया।
पुलिस ने घटना के दौरान बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि आरोपी द्वारा लगाया गया आरोप निराधार था और उसने न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया। इसके आधार पर कोर्ट ने दरोगा यादव को दोषी करार देते हुए 7 दिन की न्यायिक हिरासत और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
