पूर्ण सूर्यग्रहण 12 अगस्त को, यूरोप से भारत तक पड़ेगी मौसम की मार

पंडित पवन तिवारी

12 अगस्त को ग्रहण के दौरान कुछ ऐसा हो सकता है सूर्य का स्वरूप

कानपुर। इस बार 12 अगस्त को बुधवार के दिन हरियाली अमावस्या पर लगने जा रहा है सूर्यग्रहण पूर्ण सूर्यग्रहण होगा जो यूरोप के अधिकतर देशों में पूर्ण सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा। कर्क राशि में सूर्य के अश्लेषा नक्षत्र में रहते हुए लगने वाला यह सूर्य ग्रहण यद्पि भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा किन्तु इस ग्रहण के समय का गोचर और विशेष रूप से आजाद भारत की कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) में चन्द्रमा की राशि कर्क के कई बड़े ग्रहों से प्रभावित होने के चलते मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसका असर सामाजिक क्षेत्र में भी दिखाई देगा। इस ग्रहण के चलते यूरोप के कई देश तथा भारत के कई प्रदेशों में मौसम की मार पड़ेगी। यहां बाढ़ का असर पड़ सकता है।

बनेगे असामान्य वर्षा व भूकंप के आसार

कुछ ऐसा हो सकता है सूर्य ग्रहण के दौरान यूरोप में सूर्य का स्वरूप

प्रमुख ज्योतिषाचार्य तथा ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यश्र आचार्य पवन तिवारी का कहना है कि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्यरूप से ग्रीनलैंड, अटलांटिक महासागर, स्पेन, पुर्तगाल, इंग्लैंड, फ्रांस, इटली आदि देशों में मुख्यता शाम के समय सूर्यास्त से पूर्व दिखाई देगा। इस वर्ष जुलाई के महीने में गर्मी से प्रभावित यूरोप के पश्चिमी और दक्षिण भाग के देशों में इस जल तत्व की राशि कर्क में पड़ने वाले सूर्य ग्रहण के तुरंत बाद आसामान्य वर्षा और भूकंपन के योग बनेंगे। कर्क राशि में ग्रहण के चलते भारत के मध्य भाग में और दक्षिण-पूर्व के कई राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा के बाद बाढ़ आ सकती है।

फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, इंग्लैंड, जर्मनी में हो सकती असामान्य बारिश

इस वर्ष जून और जुलाई के महीनों में यूरोप के कई देशों में अधिक गर्मी के चलते लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन में विशेष रूप से तापमान के 40 डिग्री से ऊपर चले जाने के बाद इन ठंडे देशों की जनता का गर्मी से बुरा हाल हुआ है। 12 अगस्त को जल तत्व की राशि कर्क में पड़ने वाले इस पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय गुरु और बुध के साथ कर्क राशि में सूर्य की युति रहने से यूरोप के कई देशों में असामान्य वर्षा से जन-धन की हानि होने की आशंका रहेगी। यूरोप में सामान्यतया अक्टूबर से मार्च के बीच अच्छी वर्षा होती है, जबकि जून से सितम्बर का समय कुछ शुष्क (सूखा) रहता है। किन्तु इस वर्ष सूर्य के कर्क राशि में गुरु और बुध जैसे जल तत्व के ग्रहों के साथ युत होकर ग्रहण के चलते 12 अगस्त के बाद अगले 30 दिनों में यूरोप के कई देशों जैसे फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, इंग्लैंड, जर्मनी आदि में असामान्य वर्षा का योग बन रहा है।

भूकंप से हो सकती जन-धन की हानि

ग्रहण के समय फ्रांस में मकर लग्न उदय हो रहा है, जहां विशेष रूप से वर्षा का अच्छा योग है। स्पेन और पुर्तगाल में धनु लग्न उदय हो रहा है जिस पर ग्रहण के समय शनि की दसवीं दृष्टि और मंगल की सातवीं दृष्टि के कारण राजनीतिक उठापटक और भूकंप के कारण जन-धन की हानि का योग बनता दिख रहा है।

सूर्य ग्रहण का गोचर दे रहा भारत के लिए यह संकेत

12 अगस्त की अमावस्या की कुंडली में भारतीय समयानुसार मेष लग्न उदय हो रहा है। सूर्यग्रहण के समय का गोचर भारत के मध्य भाग मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कई स्थानों में बाढ़ के संकेत दे रहा है। कूर्म-चक्र में दक्षिण-पूर्व दिशा के नक्षत्र अश्लेषा में सूर्य ग्रहण के कारण ओडिशा में कई स्थानों पर अगले 30 दिनों में बाढ़ आने का संयोग दिख रहा है। दिल्ली-एनसीआर में अगस्त के दूसरे पखवाड़े में कुछ अच्छी वर्षा से उमस भरी गर्मी में रहत मिलने के संकेत हैं। सूर्य ग्रहण के समय मीन राशि में गोचर कर रहे शनि पर शुक्र की दृष्टि के चलते तेलंगना और आँध्रप्रदेश में अच्छी वर्षा होगी।

कन्या राशि में गोचर कर रहे शुक्र पर शनि की सातवीं दृष्टि और मंगल की चौथी दृष्टि के कारण कुंछ विवादित मामले, महिला अपराध और देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन केंद्र सरकार को कुछ कठिनाई में ला सकती हैं। अमावस्या की कुंडली में सप्तमेश शुक्र के पीड़ित होने के चलते केंद्र सरकार अगले 15 दिनों में विपक्ष को लेकर बड़ी आक्रामक हो सकती है।

श्रवण मास में कर्क राशि में पड़ने वाला यह सूर्य ग्रहण पशुपालन करने वालों के लिए अशुभ होता है भारत में पशुपालक दूध के दाम बढ़ाने को लेकर सरकार पर दबाव बना सकते हैं ऐसा ग्रहण की कुंडली संकेत दे रही है।

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