कामायनी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ की कविताओं से गूंजा मेट्रो स्टेशन

निशंक न्यूज

कानपुर। कानपुर मेट्रो के बड़ा चौराहा स्टेशन पर आज बुक लवर्स डे के अवसर पर पुस्तकों को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘अक्षरम’ संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में युवा प्रतिभागियों ने अपने पसंदीदा लेखकों की पुस्तकों के अंश पढ़कर सुनाए। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने कविता पाठ एवं गीत-संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।

कानपुर मेट्रो में बुक लवर्स डे पर हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर लगभग 12 बजे हुआ। प्रतिभागियों ने रामधारी सिंह ‘दिनकर’, जयशंकर प्रसाद, धर्मवीर भारती, नजीर अकबराबादी, राहत इंदौरी आदि प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकों के अंश पढ़कर सुनाए। ‘कामायनी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ जैसी कालजयी काव्य-कृतियों की पंक्तियां सुनकर दर्शक भी भाव विभोर हो उठे और तालियों से कलाकारों की सराहना की।

शंभु का तो गृह है काशी

इसके बाद विवेक रंजन, निशांत शुक्ला, विनय कुमार, शैलेंद्र कुमार, अंतरा, निवेदिता भदौरिया, लक्ष्मी पांडेय, अंकित मिश्रा और खुशी सहित अन्य प्रतिभागियों ने एक के बाद एक अपनी प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवयित्री रिचा तिवारी ने अपनी कविता “आदि अनंत अटल अविनाशी, शंभु का तो गृह है काशी” की भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवयित्री निवेदिता भदौरिया ने “नज्में सारी लिखूं मैं तुम्हारे लिए”, कवि निशांत शुक्ला ने “क्यों मारते रहते हो सिर से दीवार को” और कवि दीपेंद्र दीप ने “माली से बगीचे का नजारा ना पूछिए” प्रस्तुत कर श्रोताओं से खूब सराहना प्राप्त की।

काव्य पाठ के बाद संगीत प्रस्तुतियों की श्रृंखला आरंभ हुई। लक्ष्मी प्रसाद, आरती, अर्चना, बेबी, अमित बाजपेयी, अंकित, राहुल और साक्षी पाल सहित अन्य कलाकारों ने “मेरे दिल ने तड़प के जब नाम तेरा पुकारा”, “कमली कमली”, “दिल तो बच्चा है जी” तथा “इश्क समंदर” जैसे लोकप्रिय गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि कानपुर मेट्रो अपने ‘शो योर टैलेंट’ पहल के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करा रहा है। इस पहल के तहत मेट्रो स्टेशनों पर नृत्य, गायन, बैंड प्रस्तुति, स्केचिंग और नुक्कड़ नाटक जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा, समय-समय पर विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर पुस्तक संस्कृति को प्रोत्साहित करने और यात्रियों को समृद्ध अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से पुस्तक मेलों का भी आयोजन किया जाता रहा है। वर्तमान में भी कानपुर सेंट्रल, बड़ा चौराहा और मोती झील मेट्रो स्टेशनों पर विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पुस्तक मेलों का आयोजन किया गया है।

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