West Bengal: ममता बनर्जी पर चौतरफा वार, सांसदों ने साथ छोड़ा, जहांगीर खान गिरफ्तार

निशंक न्यूज ब्यूरो

बंगाल चुनाव में बुरी तरह पराजित हुईं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर सोमवार को चौतरफा राजनीतिक प्रहार हुए। टीएमसी के बीस सांसदों ने उनसे किनारा कर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को साथ देने का फैंसला कर लिया। ममता के विश्वासपात्र विधायक रहे जहांगीर खान को बंगाल एसटीएफ ने नेपाल बार्डर से गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी ममता को वैसा महत्व नहीं मिला जैसा पहले मिलता रहा है। माना जा रहा है कि जिस तरह से ममता के खिलाफ उनके अपने ही आवाज उटा रहे हैं टीएमसी का बेहतर ढंग से संचालन अब उनके लिये मुश्किल हो सकता है और जल्द ही बागी गुट पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है। बंगाल चुनाव में इस बार भाजपा ने 15 साल से सत्ता पर काबिज टीएमसी को बुरी तरह पराजित कर यहां की सत्ता पर कब्जा कर लिया था और कभी ममता बनर्जी के खास रहने के बाद भाजपा में गए शुभेंदु अधिकारी वर्तमान में बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं।

पहले विधायकों अब सांसदों ने किया ममता से किनारा

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के बाद ही पार्टी के कई विधायकों के ममता का साथ छोड़ने की संभावनाएं जताई जाने लगी थी। यह बात तब पूरी हुई जब विधानसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर जीते 80 विधायकों में 58 ने टीएमसी से अलग होने का ऐलान कर विधानसभा अध्यक्ष से सदन में अलग बैठने के लिये स्थान तय करने की मांग की। इन विधायकों ने निशाने पर ममता बनर्जी के भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी को रखा। विधायकों के साथ छोड़ने के बाद ममता बनर्जी के सबसे विश्वास पात्र लोगों में एक कोलकाता के मेयर हकीम ने अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। सोमवार को ममता बनर्जी को दिल्ली में जोर का झटका लगा। जब ममता दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में अपने राजनीतिक भविष्य को मजबूती को टानिक मिलने की उम्मीद से पहुंची थी उसी दौरान टीएमसी के करीब बीस सांसदों ने ममता बनर्जी से अलग होने का फैंसला कर लिया।

एनडीए का समर्थन करेंगे बागी सांसद

बताया गया है कि तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में पार्टी की पूर्व मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में ममता बनर्जी से किनारा करने वाले टीएमसी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देने का फैसला कर लिया है.

पूरी तैयारी के साथ सांसद हुए बागी

राजनीति के जानकारों की मानी जाए को टीएमसी से बगावत करने वाले सांसदों ने पूरी तैयारी के साथ कदम उठाया। बागी ममता से बगावत करने वाले सांसदों ने दलबदल कानून की काट निकालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आधिकारिक पत्र भी सौंप दिया है। इससे पहले रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में 58 टीएमसी विधायकों ने टीएमसी से अलग होकर ममता बनर्जी को बंगाल विधानसभा में झटका दिया था।

टीएमसी सांसदों ने तोड़ा दल- बदल कानून का चक्रव्यूह

बागी सांसदों ने दलबदल कानून के उस चक्रव्यूह को पूरी तरह भेद दिया, जिसकी चर्चा रविवार को टीएमसी के थिंक टैंक कर रहे थे. लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सदस्य हैं. नियमानुसार, दलबदल कानून से बचने और अपनी सांसदी बचाने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों की जरूरत थी. काकोली का दावा है कि 20 सांसदों का उनको समर्थन प्राप्त है. इसलिए दलबदल कानून उन पर लागू नहीं होता।

बंगाल की जनता एनडीए के साथ हमने भी इसे स्वीकारा

बगावत को जायज ठहराते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने कहा- हमने पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले और जनादेश को खुले दिल से स्वीकार कर लिया है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि बंगाल के विकास के लिए हमारा भविष्य का राजनीतिक मार्ग अब एनडीए की नीतियों के अनुरूप ही होना चाहिए।

पूर्व विधायक जहांगीर खान गिरफ्तार

सोमवार को ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक और झटका लगा जब बंगाल की एसटीएफ ने कभी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अतिकरीबी रहे पूर्व विधायक जहांगीर खान को नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया। चुनाव के पहले बंगाल की फलती सीट से चुनाव लड़ने वाले जहांगीर खान ने पुनर्मतदान के पहले ही मैदान हटते हुए चुनाव न लड़ने की बात कह दी थी। इसके पहले चुनाव के दौरान एक मंच से अधिकारियों के खिलाफ पुष्पा फिल्म का डायलाग बोलने वाले जहांगीर खान चुनाव के बाद से ही लापता थे और बंगाल एसटीएफ उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर बंगाल की एसटीएफ ने सोमवार को पूर्व विधायक जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया।

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