एस एम गुप्ता

मानिकपुर/चित्रकूटः
लगातार हो रही बारिश पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी के उफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी का पानी कई गांवों और संपर्क मार्गों तक पहुंचने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को फिर बर दहा नदी उफान के चलते मानिकपुर टिकारिया मार्ग के कारी बराह रपटा व मानिकपुर धारकुण्डी मार्ग के पुल के पास सड़क बह जाने से आवागम प्रभावित हो गया
बरदहा नदी के चपेट मे आए तहसील के लगभग 40 गांवो मे मुख्य रूप से चमरौहा मऊ गुरदरी गढवा टेढवा सकरौहा रानीपुर गिदुरहा रामपुर , कल्यानपुर सेखापुर नागर लक्ष्मनपुर , बधवा , डोडा माफी जारौमाफी , बभिया , टिकारिया ,मनगवा, निही चरैया ,हेला, बेलहा , चित्रघटी जमुनिहा ई मोटवन छिव लहा आदि गावो मे प्रभावित है।

मऊ गुरदरी बना टापू , नही पहुचे कोई अफसर
बरदहा नदी के चपेट मे आए ब्लाक के मऊ गुदरी गांव के मजरे हरभूषण पुरवा , हरभजन पुरवा के लगभग दो हजार से अधिक आवादी है। प्रधान रामनाथ ने बताया लगातार वारिश के चलते गाव की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है एक तरफ चमरौहा रपटा तो दूसरे तरफ पन्ना घाट चारो तरफ से पानी ही पानी है कई घरो मे पानी भरने से घर गिर गए है।
गांव के रामगरीब दयाराम शिव नन्दन व नवल किशोर ने बताया बरदहा नदी के उफान के कारण गांव मे न बिजली है न पानी , किसी तरह हैण्डपंप का गंदा युक्त प्यास बुझा रहे है।
पीड़ितों की मदद में जुटा स्वास्थ्य विभाग

लगातार हो रही बारिश और बरदहा नदी के उफान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बाढ़ प्रभावित मानिकपुर क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने की कवायद तेज कर दी गई है।
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. महेन्द्र त्रिपाठी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं और बाढ़ की स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की तैयारियों का जायजा लिया।

सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को निर्देशित किया कि लगातार बारिश और बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह सजग रहे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अस्पताल में आवश्यक दवाओं एवं अन्य चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जरूरत पड़ने पर प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस मौके पर अधीक्षक डा मनोज सोनकर डा पुष्पेंद कुमार व डा सत्येन्द्र कुमार आदि स्टाप रहे।
डीएम ने बांधों पर बनाई चौकियां, निगरानी बढ़ाई गई

बरदहा नदी में उफान के चलते क्षेत्र के डोडामाफी, बराह, रामपुर, जड़ेडा, माराचंद्रा और भरोसा बांध भी ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच गए हैं। बांधों में बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर बांधों पर चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की दिन-रात ड्यूटी लगाई गई है।
सबसे अधिक चिंता डोडामाफी बांध को लेकर बनी हुई है। बीते दिनों बांध के दोनों गेट खराब होने के बाद टूटकर बह गए थे। इसके बाद बांध में छेद होने से करीब पांच फुट बाउंड्री भी पानी के तेज बहाव में बह गई थी। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम कराया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण बांध पर पानी का दबाव बना हुआ है।

बारिश का दौर जारी रहने से बरदहा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी और बांधों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बांधों पर तैनात कर्मचारी पानी के स्तर और संरचना की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सिंचाई विभाग के जेई मनोज कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई बांध उफान पर हैं। विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
