अभिषेक त्रिपाठी
बच्चों को व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही जमीअत उलमा अब इन्हें नैतिक रूप से भी जागरूक करेगी। इसके लिये व्यापक तैयारी की जा रही है। समाज के बच्चों को बौद्धिक रूप से मजबूत करने के लिये कानपुर में आठ मई को एक बैठक हो रही है जिसमें देश के नामी शिक्षाविद् शामिल होकर अपने अनुभव साझा करेंगे जिसके सहारे से जमीअत के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा कि वह किस तरह से बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।
जमीअत बिल्डिंग में आठ मई को होगी बैठक

आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नई पीढ़ी को नैतिक व बौद्धिक प्रशिक्षण और समाज में सकारात्मक सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जमीअत उलमा, कानपुर के तत्वावधान में शुक्रवार 8 मई को जमीअत बिल्डिंग रजबी रोड में एक अहम परामर्श बैठक आयोजित होगी। बैठक मगरिब की नमाज के बाद आयोजित होगी। देश और समाज के निर्माण व विकास में स्कूलों की भूमिका बैठक को विषय होगा। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद और दार-ए-अरक़म पब्लिक स्कूल तुमकुरु, कर्नाटक के संस्थापक मौलाना ख़ालिद बेग नदवी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होंगें। ये जानकारी जमीअत उलमा उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने दी।
कई स्कूलों के प्रबंधक करेंगे जागरूक
कार्यक्रम की तैयारियों, उपयोगिता और उद्देश्यों पर मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने बताया कि मौजूदा संवेदनशील हालात में शिक्षण संस्थानों और उनके प्रबंधकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आधुनिक शिक्षा ही काफी नहीं है, बल्कि छात्रों को उच्च नैतिकता वाला और जागरूक नागरिक बनाना हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य स्कूलों के प्रबंधक, जिम्मेदारों को एक मंच पर इकट्ठा करके आपसी सहयोग से एक ऐसी मजबूत कार्ययोजना तैयार करना है, जिसके दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव हमारी आने वाली पीढ़ियों पर पड़ें। कार्यक्रम के लिए गठित की गई आयोजन समिति और जमीअत उलमा के पदाधिकारियों की ओर से शहर के सभी संबंधित स्कूलों के प्रबंधकों तक आमंत्रण पत्र पहुँचाने और उनसे संपर्क करने का काम तेजी से जारी है। जमीअत उलमा कानपुर ने स्कूल प्रबंधकों और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे क़ौम और समाज के इस सबसे अहम शैक्षणिक व वैचारिक कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
