अंश शुक्ला
कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र शिवराजपुर, अरौल में रहने वाले शातिर दिमाग युवक कभी पुलिस तो कभी सीबीआई का अधिकारी बनकर भोले-भाले लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर इनसे रकम ठग लेते थे। उत्तर प्रदेश ही नहीं दिल्ली सहित कई प्रदेशों में यह साइबर ठगी कर चुके थे। डीसीपी पश्चिम एस एम कासिम आबिदी द्वारा तैयार की गई रणनीति पर काम कर शिवराजपुर पुलिस ने इन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। अपराधियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
शिवराजपुर अरौल व कन्नौज के रहने वाले हैं शातिर
शिवराजपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डरा धमका कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को धर दबोचा है। सोमवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शिवराजपुर गाँव बहरामपुर में दबिश देकर आरोपी शिवराजपुर निवासी अशरफ खान,राजदीप,भीमरतन कुमार,अरौल निवासी सूरज कुमार,कन्नौज निवासी राजन कटियार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिरोह के सदस्य स्वयं को पुलिस, सीबीआई एवं अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर फर्जी मामलों में गिरफ्तारी का भय दिखा पीड़ितों से धनराशि ठगते थे। पुलिस ने बताया है कि ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रासंफर कर एटीएम, यूपीआई और अन्य माध्यमों से निकाल आपस में बंटवारा करते थे। पुलिस को साइबर ठगों द्वारा ठगी की रकम क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से पी2पी ट्रेडिंग द्वारा भारतीय मुद्रा में बदलने की जानकारी भी प्राप्त हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एनसीआरपी एवं प्रतिबिंब पोर्टल के अनुसार गिरोह पिछले लगभग 03 वर्षों से सक्रिय था तथा देशभर में लगभग 2,500 लोगों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है। ठगी की धनराशि के लेनदेन के लिए 450 से अधिक फर्जी एवं किराए के बैंक खातों का उपयोग किया जा चुका है।
कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमें, 12 एटीएम बरामद
अभियुक्तों के कब्जे से 05 मोबाइल फोन, 01 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 02 चेकबुक एवं 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन शातिरों के खिलाफ ही यूपी के साथ ही दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं
ग्रामीणों के खाते में जमा कराते थे रकमः डीसीपी पश्चिम
डीसीपी पश्चिम एस एम कासिम आबिदी ने बताया कि कई राज्यों से इस गिरोह की शिकायतें आ रही थीं संज्ञान लेते हुए गिरोह के 6 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है। गिरोह साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, सीबीआई अधिकारी बन अन्य कई माध्यमों से ठगी करते थे। फ्राड की रकम आस पास गांव के भोले भाले ग्रामीणों के खातों में जमा कर निकाल लेते थे। खाताधारकों से जानकारी मिली है कि कुछ रुपयों का लालच देकर उनके खातों का इस्तेमाल करते थे। गिरोह में अभी और लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। गुडवर्क करने वाली पुलिस टीम को ₹25,000 के नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
