आलोक ठाकुर
कानपुर। कानपुर दक्षिण के प्रमुख यशोदा नगर क्षेत्र के तमाम लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जिने को मजबूर है। किसी क्षेत्र में जलभराव के कारण निकलना मुश्किल हो रहा है तो कही हैण्डपंप व समरसेबिल खराब होने के कारण पीने के पानी की समस्या है। आम लोग इन समस्याओं को लेकर आये दिन पार्षद को उलाहना देने के साथ ही खरी खोटी भी सुना रहे है। जनता की नाराजगी से गुस्साये पार्षद आज दर्जनों लोगों के साथ जोन 3 के जलकल कार्यालय पहुंच गये और धरना देकर चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न हुआ तो वह पांच हजार लोगो के साथ मोतीझील में प्रदर्शन करेंगे।
पीने के पानी की समस्या जलकल विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
धरने पर बैठे पार्षद दुर्गा प्रसाद गुप्ता व उनके समर्थक जलकल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। धरने पर बैठे पार्षद ने यहां पहुंचे जलकल विभाग के अधिकारी से कहा कि वह पिछले करीब 7 साल से क्षेत्र की समस्याओं को दूर कराने की मांग कर रहे है लेकिन उनकी सुनी नही जा रही। पार्षद का कहना था कि क्षेत्र के अधिकांस हैंडपंप खराब पड़े है। जिससे लोगो को पीने के लिए शुद्ध पानी नही मिल पा रहा है। खराब हैंडपम्पों को रिबोर कराने के लिए उन्होंने कई बार प्रार्थना पत्र दिया लेकिन अधिकारी हैंडपम्पो को रिबोर नही करा रहे है। क्षेत्र में लगे समरसेबिल भी सफेद हाथी साबित हो रहे है। इन सबरसेबिल पर थोड़ा सा काम करा दिया जाये तो लोगो को पीने का शुद्ध पानी मिलने लगे।
सीवर लाइनें चोक, जलभराव से लोग हो रहे बीमार
जलकल विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे क्षेत्रीय लोगो व पार्षद का कहना था कि क्षेत्र कि कई गलियों में सीवर लाईन चोक है। जिससे जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जलभराव होने से बीमारियां पनप रही है और लोगो का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। कई जगह बच्चों को सीवर के गंदे पानी से मंझा कर स्कूल जाना पड़ रहा। लेकिन जलकल विभाग के कर्मचारी सीवर लाईन की सफाई कर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई काम नही कर रहे है।
पच्चीस हजार से ज्यादा वोटर फिर भी अनदेखी
पार्षद का कहना था कि क्षेत्र में करीब 55 हजार लोग रहते है। 25 हजार के लगभग मतदाता है। इसके बाद भी यहां के लोगों की समस्या के निस्तारण के लिए जलकल विभाग कोई काम नही कर रहा है। एक सप्ताह के भीतर समस्या के निस्तारण के लिए ठोस काम न किया गया तो वह क्षेत्र के 5 हजार लोगो के साथ मोतीझील कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी जलकल विभाग के अधिकारियों की होगी। क्योंकि वह पिछले करीब 7 साल से वह जलकल विभाग से जुड़ी समस्याअों के निस्तारण के लिए प्रयास कर रहे है। लेकिन अधिकारी सुन नही रहे है। स्थानीय स्तर के अधिकारियों द्वारा कोई प्रस्ताव बनाकर भेजा जाता है तो मुख्यालय में बैठे अधिकारी इसे रद्दी की टोकरी में डाल देते है।
समस्याओं को किया जाएगा समाधान
इस संबंध में जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता जीसी गुप्ता का कहना था कि पार्षद ने जो समस्याएं बतायी है। उनकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है। जलकल विभाग के महा प्रबंधक से भी इस संबंध में बात की गयी है। जल्द ही समस्याअों के निस्तारण के लिए काम शुरू करा दिया जायेगा। कुछ समरसेबिल व हैंडपम्प वार्ड के लिए देने की भी बात हुई है।