निशंक न्यूज
कानपुर। गंगा में आई बाढ़ से कई गांव के प्रभावित होने की जानकारी पर गुरुवार को गंगा बैराज के आसपास के क्षेत्र के निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने यहां मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी को स्वास्थ्य की समस्या न होने पाए इसलिये यहां मेडिकल कैंप लगातार ग्रामीणों के स्वास्थ्य के परीक्षण किया जाए। किसी भी ग्रामीण को बाढ़ से अन्य दिक्कत न होने पाए और दिक्कत होने पर वह तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दे सकें इसके लिये यहां संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर की सूची बनाकर विभिन्न स्थानों पर प्रसारित की जाए। जिलाधिकारी गुरावर को चैनपुरवा मजरा कटरी लक्ष्मीखेड़ा सहित गंगा बैराज के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध ढंग से संचालित किए जाएँ और किसी भी हाल में आमजन को असुविधा न होने पाए।

गांवों में रखी जाए साफ-सफाई, पशुओं का हो टीकाकरण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों में जल स्तर बढ़ा हुआ है, वहां निरंतर निगरानी रखी जाए और इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का चिन्हांकन कर आवश्यकता अनुसार तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी को गांवों में साफ–सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने और निगरानी करने को कहा गया।
फ्लैक्स बोर्ड में लिखाए जाएं अधिकारियों के फोन नंबर
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर आवश्यक दवाओं का वितरण कराया जाए तथा बीमार व्यक्तियों को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को आदेशित किया कि गांवों में सभी विभागीय अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची फ्लैक्स बोर्ड के रूप में प्रमुख स्थानों पर लगाई जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके।
प्रभावित परिवारों को दी जा रही राशन सामग्री
इस दौरान ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी (आईएएस) अनुभव सिंह ने अवगत कराया कि चैनपुरवा के 42 परिवार जल स्तर बढ़ने से प्रभावित हुए हैं। इन परिवारों को बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं तथा राशन भी कोटेदार के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। गांव में प्रवेश हेतु जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क टैक्टर की भी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।