आलोक ठाकुर
कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एचबीटीयू परिसर में संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की बैठक ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की तथा कानपुर मंडल के जनप्रतिनिधियों से विकास संबंधी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया तथा फर्रुखाबाद जनपदों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक एवं विकासगत आवश्यकताओं की गहन जानकारी होती है। ऐसे में उनके सुझावों एवं प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शासन को शीघ्र कार्ययोजना प्रेषित की जाए, जिससे आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर समयबद्ध रूप से कार्य प्रारंभ कराया जा सके।
सड़कों को नुकसान पहुंचाने वालों से की जाए नियमानुसार वसूली

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली सुनिश्चित की जाए। सड़कों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जनहित से जुड़ीं परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने तथा समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों, दीर्घ एवं लघु सेतु, आरओबी/आरयूबी, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों, फ्लाईओवर तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विकास कार्यों में न बरती जाए शिथिलता

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर समयबद्ध, समन्वित एवं पारदर्शी कार्रवाई की जाए। विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक परियोजना को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपये लागत की 344 परियोजनाओं, कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपये की 217 परियोजनाओं, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपये की 339 परियोजनाओं, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपये की 387 परियोजनाओं, औरैया से 439 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं तथा इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कानपुर मंडल के छह जनपदों से लगभग 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं।

काम शुरू करने में देरी करने वाले ठेकेदारों पर की जाए कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने गत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि गत वर्ष कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत की 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 1,242 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं तथा शेष परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है, उन मामलों में संबंधित फर्मों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए।

सीएम की बैठक में यह जन प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में योगी सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय,राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेंद्र मैथानी, अभिजीत सिंह सांगा, महेश त्रिवेदी, राहुल बच्चा सोनकर, सुरभि, सरोज कुरील, अर्चना पांडेय आदि उपस्थित रहे।
