अलीगढ़ः ठेकेदार अधिकारी का साथ लगा रहा स्मार्ट सिटी योजना पर दाग

ओपी पांडेय।

अलीगढ़। जनपद के स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के बाद युवा आईएएस नगर आयुक्त अलीगढ़ को चमकाने के साथ ही यहां के लोगो को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए दिन रात बैठके व निरीक्षण कर काम को गुणवत्ता पूर्ण व समय पर पूरा कराने के प्रयास कर रहे है। वहीं नगर निगम के निचले कर्मचारी व कुछ ठेकेदार स्मार्ट सिटी योजना पर दाग लगाने में जुटे है। इस बात की चुगली एक पार्क में हुए कार्य ने की है। पार्क के निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने लाखो रुपये का खेल कर दिया, अौर नगर निगम के अधिकारी जांच के नाम पर खानापूरी कर लौट गये। पार्क के नाम पर हुए खेल की शिकायत नगर आयुक्त से की गयी है।

स्मार्टसिटी योजना के तहत हुए कार्य में पार्क में कुछ तरह किया गया है प्लास्टर।

कहा जा रहा है कि जब से अलीगढ़ स्मार्ट सिटी घोषित हुआ है नगर निगम अलीगढ़ के निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों की लाटरी खुल गई है। निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ठेकेदारों से मिली भगत कर करोड़ों रुपए के घोटाले किए जा रहे हैं स्मार्ट सिटी बनने के बाद वर्ष 2017 में शुरू हुए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अलीगढ़ में 37 प्रमुख विकास कार्य कराई गई जिन पर लगभग 970 करोड रुपए का भारी भरकम बजट खर्च किया गया किंतु वर्तमान समय तक अलीगढ़ शहर उत्तर प्रदेश का स्मार्ट सिटी अलीगढ़ नहीं बन पाया अलीगढ़ विधानसभा कोल के सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के विधायक जांच कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर लिखित शिकायत कर मुख्यमंत्री को बताया कि नगर निगम के कुछ अधिकारी मनमाने तरीके से ठेकेदारों से मिली भगत का घटिया स्तर से निर्माण कार्य कराकर जनता की नजरों में प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।

पहले एस्टीमेट कम किया फिर करा दिया घटिया निर्माण कार्य

नगर निगम निर्माण कार्यों में हो रही धांधली का मामला वार्ड नंबर 19 के मंगल धाम शिव मंदिर पार्क में पार्क में हो रहे काम में सामने आया है। इस पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए मरम्मत एवं प्लास्टर तथा पेंटिंग के लिए नगर आयुक्त आईएएस प्रेम प्रकाश मीणा द्वारा अगस्त 2025 को एस्टीमेट बनाने की आदेश दिए गए । बताया गया है कि यह काम पत्रकार के प्रार्थना पत्र पर कराया जा रहा था इसके चलते नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने जानबूझकर पहले 7 लाख 80 हजार रुपए का एस्टीमेट रफ बनाया। बाद में जूनियर इंजीनियर गिरीश कुमार ने अपनी अपने करीबी संविदाकर्मी जूनियर इंजीनियर अनुज प्रताप सिंह से दोबारा इस मंदिर पार्क का एस्टीमेट बनावाया गया जिसमें जानबूझकर शिव मंदिर पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए पहले के एस्टीमेट को कम करते हुए केवल मात्र 219000 का एस्टीमेट बनाया गया । नगर निगम से इस शिव मंदिर पार्क का टेंडर नगर निगम ठेकेदार संदीप शर्मा को उक्त कार्य करने के लिए दे दिया गया ।

घटिया सामग्री लगाकर शुरू की भुगतान की प्रक्रिया

ठेकेदार संदीप शर्मा ने बताया कि उन्हें ठेका 190000 का मिला है ठेके की शर्तों के अनुसार उन्हें पार्क के चारों ओर दोनों तरफ की दीवारों को खुरच कर प्लास्टर करना तथा पार्क की अंदर बाहर की दीवारों पर लगे लोहे के जंगलों में पेंट करना है इसी का ठेका मिला है ठेकेदार ने कुछ दीवारों के हिस्सों में बालू घटिया सीमेंट का प्लास्टर बिना दीवार को खर्च हुए करवा दिया गया तथा शेष अधिकांश दीवारों में बिना प्लास्टर करे हुए कुट्टी सफेद सीमेंट तथा घटिया रंग मिलाकर पुताई कर दी गई।

विवादित अधिकारी का खेल, मंडलायुक्त से जांच की मांग

बताया गया है कि ठेकेदार द्वारा काम में गड़बड़ी की शिकायत नगर आयुक्त नागर के स्टेनो निर्माण विभाग के संबंध जूनियर इंजीनियर गिरीश कुमार निर्माण विभाग के संबंध सुपरवाइजर हाकिम सिंह निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला को मोबाइल फोन पर फोटो वीडियो आदि भेजते हुए मौखिक शिकायत की गई तथा नगर निगम कार्यालय जाकर संबंधित जूनियर इंजीनियर गिरीश कुमार संबंधित सुपरवाइजर हाकिम सिंह संबंधित अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला आदि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मुलाकात कर विस्तार पूर्वक ठेकेदार संदीप शर्मा द्वारा कराई जा रहे इस घटिया कार्य के संबंध में बताया गया किंतु आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों द्वारा इस घटिया निर्माण की शिकायत पर ध्यान न देने का परिणाम यह रहा कि बुधवार 12 अगस्त की दोपहर में निर्माण विभाग की टीम सुपरवाइजर हाकिम सिंह तथा जूनियर इंजीनियर के साथ नगर निगम ठेकेदार संदीप शर्मा उक्त कार्य की नपाई तथा निरीक्षण के लिए आए सुपरवाइजर हाकिम सिंह ने बताया कि ठेकेदार संदीप शर्मा के कार्य के भुगतान के लिए इस घटिया कार्य की नपाई की जाने लगी ताकि ठेकेदार का भुगतान किया जा सके। स्थानीय लोगों की मांग है कि मण्डलायुक्त अलीगढ़ संगीता सिंह द्वारा उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच जल्द से जल्द करानी चाहिए जिससे भविष्य में नगर निगम के निर्माण कार्यों में होने वाले खेल को रोका जा सके।

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