वेद गुप्ता
नगर निगम में प्रभाव जमाने के लिये कुछ नेताओं की सरसपस्ती में महापौर के खिलाफ रुक रुककर आवाज उठाने वाले नगर निगम के छह पार्षदों के खिलाफ भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर आए साठ से ज्यादा पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। इन पार्षदों ने सदन तथा सदन के बाहर अपने ही दल भारतीय जनता पार्टी की महापौर के खिलाफ अावाज उठाने वाले उंगलियों पर गिनने भर की संख्या वाले (छह) पार्षदों व इनकी परोक्ष मदद कर संगठन को हाशिये पर लाने वाले नेताओं की कलई खोलने की तैयारी कर ली है। बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में इन पार्षदों ने कहा कि महापौर के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे इन अपराधिक पार्षदों का निष्कासन किया जाए या फिर हमेशा संगठन को मजबूती देने वाले हम पार्षदों को निष्कासित कर दिया जाए। संगठन की मजबूती और संगठन की छवि को दागदार होने से बचाने के लिये वह इस्तीफा भी देने को तैयार हैं।
महापौर के खिलाफ बगावत करने वाले छह पार्षदों के खिलाफ साठ से ज्यादा निर्वाचित पार्षदों के मोर्चा खोल देने से भाजपा में असहजता की स्थिति बन गई है। इसका बड़ा कारण यह भी है कि महापौर के पक्ष में पत्रकार वार्ता करने वाले पार्षदों ने वार्ता के दौरान साफ तौर पर कहा कि स्थानीय राजनीति में अपना प्रभाव जमाने के लिये शहर को एक दो प्रमुख नेता भी महापौर के खिलाफ आवाज उठाकर संगठन की छवि खराब करने और अनुशासन को ठेंगा दिखाने वाले इन छह पार्षदों को संरक्षण दे रहे हैं। वार्ता के दौरान यह बात भी कही गई कि संगठन ऐसे नेताओं की जांच कराकर इनकों बेनकाब करे जो अपना प्रभाव जमान के लिये पर्दे के पीछे रहकर संगठन के अनुशासन को ही खराब कर रहे हैं। कुछ पार्षदों ने ऐसे छुपारुस्तम नेताओं की भाजपा के आम लोगों के सामने पोल खोलने की बात भी कही ताकि यह बताया जा सके कि कुछ नेता किस तरह से भाजपा भाजपा के लिये समर्पित रहकर संगठन को मजबूती देने वाले की मंशा पर पानी फेर रहे हैं।

प्रमिला सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पार्षद एवं नेता पार्षद दल नवीन पंडित ने भाजपा के छह पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। कई बार के पार्षद नवीन पंडित ने इन पार्षदों द्वारा महापौर और प्रभारी मंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां भी की गई हैं, जिससे संगठन की मर्यादा को ठेस पहुंची है। नवीन पंडित ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद रंगदारी, अवैध वसूली और आपराधिक प्रवृत्ति जैसी गतिविधियों में भी संलिप्त हैं। उन्होंने पार्टी संगठन से ऐसे पार्षदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित करने की मांग की। यहां मौजूद पार्षदों ने भी संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपित पार्षदों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ी संख्या में भाजपा पार्षद सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं। नवीन पंडित ने दावा किया कि उन्हें 75 से अधिक भाजपा पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। इस घटनाक्रम के बाद कानपुर भाजपा संगठन और नगर निगम की राजनीति में हड़कंप मच गया है तथा राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

विरोधी की संख्या नही हुई छह से सात, समर्थन में 75
वार्ता को दौरान युवा पार्षद अभिनव शुक्ला गोलू ने कहा कि संगठन के उच्च नेताओं को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिये की एक दो बड़े नेताओं के इशारे पर महापौर के खिलाफ जगह-जगह शिकायत करने वाले छह पार्षदों के साथ एक भी और पार्षद नहीं जुड़ा क्योंकि सभी देख रहे हैं कि किस तरह नगर निगम में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। विकास को महत्व देने वाले हम भाजपा पार्षदों के साथ पहले दिन से ही कानपुर के 75 पार्षद हैं और वह आज भी विकास कराने में पक्षपात न करने और सभी की बात सुनकर उनकी समस्या का निदाने के लिये तत्पर रहने वाली महापौर प्रमिला पांडेय के साथ खड़े हैं।
दो जनप्रतिनिधि पार्षदों के निशाने पर
नगर निगम के भाजपा पार्षदों की बैठक व पत्रकार वार्ता के दौरान महापौर के खिलाफ आरोप लगाने वाले छह पार्षदों को परोक्ष रूप से मदद करने वाले और इन्हें महापौर के खिलाफ खड़ा करने वालों के रूप में बार बार दो जन प्रतिनिधियों के नाम आ रहे थे। इनका कहना था एक एमएलसी तथा शहर में रहने वाले एक सांसद लगातार नगर निगम में अपना प्रभाव जमाने के लिये छह पार्षदों को अपने ही दल की महापौर के खिलाफ आवाज उठाने के लिये उकसा रहे हैं। पार्षदों ने तथ्य सहित इन दोनों नेताओं का नाम उजागर करने की बात कही। इनका कहना था कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही यह नेता नगर निगम में अपना प्रभाव बढ़ाने के प्रयास में लगे हैं। वह लोग महापौर का विरोध कराकर आम लोगों के बीच संगठन की छवि क्यों खराब करने का प्रयास कर रहे हैं इस बात को भी जल्द ही सामने लाया जाएगा।
