निशंक न्यूज
हमेश दान पुण्य तथा भंडारा कराने के लिेये चर्चित रहने वाले कानपुर महानगर की छवि को यहां रहने वाले करीब 32 हजार लोग धूमिल कर रहे हैं। यह लोग हैं तो लाखों रुपये के मालिक कई तो कार से चलते हैं और कई ऐसे हैं जिनकी सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से ज्यादा है लेकिन यह लोग गरीबों को दिये जाने वाला राशन लेकर इसे हजम कर रहे हैं। जांच में यह बात सामने आने के बाद तय किया गया है कि इनके नाम अब राशन लेने वालों की सूची से काटे जाएंगे।
जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सत्यापन के दौरान 32,941 ऐसे लाभार्थी सामने आए हैं, जो पात्र न होते हुए भी वर्षों से गरीबों के हिस्से का राशन सरकारी दरों पर लेते आ रहे थे। इनमें कंपनी के डायरेक्टर, कार व बड़े वाहन मालिक, पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान और 25 लाख रुपये से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी शामिल हैं। पूर्ति विभाग द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से कराए गए सत्यापन में यह गड़बड़ी उजागर हुई है। विभाग ने इन सभी अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है और अब इनके नाम राशन कार्ड से काटने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
केंद्र की योजना का ले रहे हैं गलत तरीके से लाभ
जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) राकेश कुमार ने बताया कि सत्यापन के दौरान दो लाभार्थी मीडियम मोटर व्हीकल के मालिक पाए गए, जबकि 14,520 लाभार्थियों के पास कार (एलएमवी) पाई गई। इसके अलावा 3,048 ऐसे किसान चिन्हित किए गए जिनके पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि है। वहीं 3,036 लाभार्थी विभिन्न कंपनियों में डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही 267 ऐसे लाभार्थी भी मिले हैं, जिनका जीएसटी के अनुसार वार्षिक टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है।
नाम काटकर रोका जाएगा इनका सरकारी राशन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह सभी लोग लंबे समय से अपात्र होते हुए भी गरीबों के हिस्से का राशन कम दामों पर प्राप्त कर रहे थे। सत्यापन के बाद अब इन सभी का राशन रोका जाएगा और इनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए जाएंगे। जिले में राशन कार्डों की स्थिति पर नजर डालें तो शहरी क्षेत्र में कुल 4,56,939 राशन कार्डों से 16,49,212 लाभार्थी राशन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 3,34,324 राशन कार्डों से 11,84,665 लाभार्थी जुड़े हुए हैं। इस तरह जिले में कुल 28,33,877 लाभार्थी सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे हैं।
