निशंक न्यूज।
कानपुर। खेती से जुड़े किसानों के सामने अक्सर आने वाली उर्वरक की समस्या को समाप्त करने के लिये तय किया गया है कि जल्द ही कानपुर जनपद में 54 और उर्वरक केंद्र का संचालन किया जाएगा। जिले में 78 उर्वरक बिक्री केंद्र पहले से ही संचालित हो रहे हैं। उर्वरक की उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी द्वारा की गई समीक्षा बैठक में यह बातें सामने आईं।
अब जिले में हो जाएंगे 132 उर्वरक बिक्री केंद्र
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जनपद में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों की आवश्यकताओं को देखते हुए उर्वरक वितरण प्रणाली को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में 54 नए उर्वरक विक्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें 37 एग्री जंक्शन केंद्र, एक इफको, पाँच आईएफएफडीसी तथा 11 केंद्र एफपीओ के माध्यम से खोले जाएंगे। नए केंद्रों में 15 बिल्हौर, 31 सदर और आठ घाटमपुर तहसील के अंतर्गत संचालित होंगे। वर्तमान में जिले में 78 उर्वरक विक्रय केंद्र कार्यरत हैं। नए केंद्रों के शुरू होने के बाद कुल संख्या बढ़कर 132 हो जाएगी।
बिक्री केंद्र में स्थानीय किसानों को दी जाए प्राथमिकता

समीक्षा बैठक में जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। जिला कृषि अधिकारी द्वारा कार्य में रुचि न लेने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उर्वरक विक्रय के दौरान स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाए। सभी विक्रय केंद्रों पर कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के कार्मिक मौजूद रहेंगे, जो पारदर्शी ढंग से विक्रय सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि उर्वरक की कालाबाजारी और ओवररेटिंग किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगी। डीएम ने उप निदेशक कृषि, एआर कॉपरेटिव, पीपीओ तथा सहायक जिला कृषि अधिकारी को निर्धारित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहकर उर्वरक विक्रय की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
पर्याप्त मात्रा है उपलब्ध है उर्वरक
उपनिदेशक कृषि आर.एस. वर्मा ने बताया कि जनपद में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। नई खेप आते ही नवसृजित विक्रय केंद्रों पर भी उर्वरक उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए।समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।