नहीं रहे पत्रकारिता को धर्म मानने वाले विष्णु त्रिपाठी

निशंक न्यूज

कानपुर l पत्रकारिता को धर्म मानने वाले वरिष्ठ पत्रकार कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष 80 वर्षीय विष्णु त्रिपाठी का सोमवार दोपहर एक निजी अस्पताल के आईसीयू में निधन हो गया। वे पिछले 16 दिनों से मौत से संघर्ष कर रहे थे।

निडर, निष्पक्ष और निरंतरता के प्रतीक रहे विष्णु दादा

पत्रकारों और लोकहित के लिए आजीवन संघर्षरत रहे विष्णु त्रिपाठी ने कई समाचारपत्रों में संपादकीय दायित्वों का निर्वहन किया। वह पत्रकारिता को जीते थे l वह निडर, निष्पक्ष और निरंतरता के प्रतीक बनकर जिये l ज़ब कभी सिद्धांत आड़े आए, उस अखबार से किनारा कर लिया और काबिलियत ऐसी की तत्काल पत्रकारिता का दूसरा ठौर हासिल कर लिया l पत्रकार हित के लिए जूझे, संघर्ष किया, अभाव में रहे, लेकिन अपना स्वभाव बिल्कुल नहीं बदला l स्वाभिमान और पत्रकारिता धर्म निभाने के आड़े अगर नौकरी पर भी बन आई तो विचलित नहीं हुए l वह गणेश शंकर विधार्थी के पक्के अनुयायी और पत्रकारिता के योद्धा थे l

तीन बार रहे कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष

शुरुआत नॉर्दर्न इंडिया पत्रिका से की थी। इसके बाद विश्वमित्र, जागरण, आज, स्वतंत्र भारत और अमर उजाला में भी काम किया l वह यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष,कानपुर प्रेस क्लब के तीन बार अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य प्रेस मान्यता समिति के तीन बार सदस्य रहे। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गाइड्स में रहे। कानपुर विश्वविद्यालय पत्रकारिता संकाय की पाठ्यक्रम समिति के सदस्य रहे। वे भारतीय विद्या भवन के कानपुर केंद्र के कार्यकारी निदेशक रहे और उन्होंने पत्रकारिता शिक्षण का कार्य भी किया।

हिंदी- उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर थी पूरी पकड़

उन्होंने किस्सा कचहरी, बहती गंगा, बाल कृष्ण शर्मा नवीन, मध्य उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता का इतिहास पुस्तक का लेखन किया और पत्रकारिता प्रदीप प्रताप पुस्तक का संपादन व गणेश शंकर विद्यार्थी ग्रंथ के संपादन में निर्देशक की भूमिका निभाई।विष्णु त्रिपाठी जी ने गणेश शंकर विद्यार्थी के अखबार प्रताप के 100 वर्ष होने पर साल 2013 में प्रताप शताब्दी समारोह समिति का गठन किया और पूरे वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई। जिसमें पूरे देश भर से वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों ने शिरकत की और पूरे भारत में इन कार्यक्रमों की चर्चा रही। उन्हें हिन्दी, ऊर्दू और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में महारथ हासिल थी। उनके निधन से पत्रकार जगत में शोक है l कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सरस वाजपेई और महामंत्री शैलेश अवस्थी,कोषाध्यक्ष सुनील साहू, मंत्री शिवराज साहू, उपाध्यक्ष गौरव सारस्वत आदि ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें महान पत्रकार बताते हुए कहा कि उनका जाना पत्रकारिता की बड़ी क्षति है l निशंक न्यूज परिवार विष्णु दादा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता है।

कानपुर प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब के अध्यक्ष सरस वाजपेयी नीली कमीज में को आशीर्वाद देते विष्णु दादा साथ में वरिष्ठ पत्रकार रहे मोहम्मद इरफान तथा एण्टी क्राइम अखबार के संपादक एखलाक अहमद (साभार एखलाक अहमद)।

हमेशा पढ़ने व अंग्रेजी भी सीखने का देते थे सीख

कानपुर से प्रकाशित प्रमुख सांध्य दैनिक खोजी नारद के संपादक विवेक वाजपेयी त का कहना है कि विष्णु दादा मेरे तो चाचा थे। उनका जाना मेरे लिये व्यक्तिगत हानि तो है ही पत्रकारिता जगत के लिये बड़ी हानि है। वह हमेशा युवा पत्रकारों तथा मिलने वालों को कुछ न कुछ पढ़ते रहने की सीख देते थे। उनका कहना था कि पत्रकार के लिये तो जरूरी है वैसे ही समाज में सक्रिय रहने हर व्यक्ति को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों से संबंधित लेखों व समाचारों को पढ़कर अपडेट रहना चाहिये ताकि वह स्वयं मजबूत रहने के साथ ही समाज को भी अपडेट रख सके।

अंग्रेजी की भी जानकारी रखने की कहते थे बात

एण्टी क्राइम अखबार के संपादक एखलाख अहमद का कहना है कि विष्णु दादा से जब भी मिली वह साहित्यिक किताबें पढ़ने के साथ ही अंग्रेजी की भी जानकारी रखने की सीख देते थे। वह कहते थे कि अखबार जगत में मजबूती के साथ टिके रहना है तो हिंदूी के साथ ही अंग्रेजी की भी पूरी जानकारी रखनी चाहिये।

-अंतिम संस्कार आज भैरव घाट पर

विष्णु त्रिपाठी की अंतिम यात्रा मंगलवार को सुबह 10 बजे उनके आवास पत्रकारपुरम, विकास नगर से भैरोघाट के लिए प्रस्थान करेगी और वहीं अंतिम संस्कार होगा l

प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि सभा 31 दिसंबर को

कानपुर प्रेस क्लब के महामंत्री शैलेश अवस्थी ने बताया कि कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष विष्ण त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देने के लिये कानपुर प्रेस क्लब नवीन मार्केट में 31 दिसंबर को एक बजे सभा होगी।

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