Aligarhः एक लाख रुपया हड़पने के लिये की थी दो की हत्या

ओपी पांडेय

अलीगढ़ के खैर थानाक्षेत्र में होटल संचालक बाबी व उसके साथी की हत्या उधार में लिये गये एक लाख रुपये हड़पने के लिये की गई थी। हत्यारोपियों ने होटल संचालक बाबी की काम में रखे पचास हजार रुपये भी लूट लिये थे। होटल संचालक द्वारा इसी कार में छिपाकर रखे गए तीन लाख रुपये जांच के दौरान मिल गए थे। होटल संचालक के साथी की हत्या इसलिये कर दी गई कि क्योंकि वह हत्यारोपितों को पहचानता था। अलीगढ़ पुलिस ने शनिवार को दो लोगों की हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। हत्यारोपियों के एक की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।

खैर थानाक्षेत्र में खड़ी गाड़ी में मिले थे दो युवकों के शव

बताते चलें कि सोमवार को जनपद के खैर क्षेत्र में सोमनाथ रोड पर स्थित गांव उदयपुर के पास सड़क किनारे खेतों के पास पेड़ के नीचे एक खड़ी काले रंग की एक कार में दो युवकों के शव बरामद किये गये थे। हत्यारों ने इन दोनों की हत्या गोली मारकर की थी। कार के अंदर खून से लथपथ एक युवक का शव ड्राइवर के बगल वाली सीट पर तथा दूसरे युवक का शव उसके पीछे वाली सीट पर पड़ा हुआ था। कार के शीशें प्लास्टिक के बोरी के टुकङों से ढके हुए थे । दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन पुलिस अधीक्षक यातायातए प्रभारी पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रवीण कुमार यादव सीओ खैर इंस्पेक्टर थाना खैर बरका पुलिस चौकी इंचार्ज पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।

होटल चलाता था मारा गया युवक

मारे गये दोनों युवकों की पहचान थाना बन्नादेवी क्षेत्र के गांव ताजपुर रसूलपुर निवासी 32 वर्षीय बॉबी तथा उसी के गांव में रहने वाले उसका दोस्त 24 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है बॉबी का खीरेश्वर हाईवे पर बी.के.आर्या नाम से ओयो होटल है। जिस कार में इन दोनों का शब मिला है वह कार उन्हीं के गांव से सटे हुए गांव सरसौल निवासी जमील की है। कार स्वामी जमील सहित चार संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ की साथ ही पुलिस को मोबाइल कॉल डिटेल एवं सीसीटीवी फुटेज से कुछ महत्वपूर्ण क्लू मिले जिसके आधार पर काम करते हुए पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में शामिल आरोपियों तक पहुंची।

कार में रखे मिले थे होटल संचालक के तीन लाख रुपये

इस अंधे दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम से ही जमील की कार बॉबी के पास थी देर शाम तक जमील को इन दोनों के साथ देखा गया है सोमवार के दिन सुबह दस बजे के बाद बॉबी अपने दोस्त मोहित एवं कुछ लोगों के साथ अपने होटल से जाते हुए देखा गया है उसके बाद षाम को खैर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरका पुलिस चौकी से 500 मीटर की दूरी पर गांव उदयपुर स्थित खेतों के पास पेड़ के नीचे खड़ी कार के अंदर मिले थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि होटल संचालक बॉबी एवं मोहित की गोली मारकर हत्या की गई थी। कार की बारीकी से जांच करने पर कार में बॉबी द्वारा रखे गए करीब तीन लाख रुपये भी मिले थे। बताया जाता है कि एक दिन पहले शाम को बॉबी ने उक्त कर को अपने घर पर मंगा लिया था हत्यारे ने बॉबी को तीन गोली मारी थी एक गोली उसके सिर पर एक सीने पर वह एक गर्दन में पीछे से मारी गई थी तथा मोहित को सिर्फ एक गोली उसके सिर पर मारी गई थी जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई थी।

एसएसपी के अनुभव से पुलिस को मिली खुलासे की राह

दो शव मिलने के बाद कार की जांच के दौरान तीन लाख रुपये बरामद होने के बाद एसएसपी नीरज कुमार जादौन को संदेह था कि यह दोहरा हत्याकांड पैसे के लेनदेन के विवाद तथा आशनाई की रंजिश में किया गया है। इसके बाद जांच बढ़ाई गई तो एक टीम आशनाई तो दूसरी टीम लेनदेन के विवाद की दिशा में जांच करने में जुटी थी। पुलिस को जांच में पता चला कि घटना के बाद से ही होटल की रिसेप्शनिस्ट लापता है पुलिस द्वारा जब रिसेप्शनिस्ट को खोजने के लिए उसके घर पहुंची वहां पर भी रिसेप्शनिस्ट नहीं मिली। इस बीच जजांच में लगी पुलिस की दूसरी टीम को पता चला कि बाबी जुआं व सट्टा खेलने का शौक रखता था। इस टीम ने पैसे के लेनदेन की दिशा में जांच आगे बढ़ाई तो सामने आया कि बाबी व क्षेत्र में रहने वाला धर्मेंद्र उर्फ धलुआ अक्सर जुएं की फड़़ पर साथ ही बैठते थे। धलुआ परचून की दुकान करता है। जुएं के दौरान ही धलुआ ने होटल संचालक से ढाई लाख रुपये उधार लिये थे जिसमें डेढ़ लाख रुपये तो धलुआ ने वापस कर दिये थे लेकिन वह एक लाख रुपये वापस नहीं कर पा रहा था। इसी एक लाख रुपये की वापसी को लेकर बाबी दबाव बना रहा था जिसे लेकर दोनों के बीच रंजिश शुरू हो गई थी।

लूटे गए 50 हजार में अधिकांश रकम बरामद

उधार के एक लाख रुपये वापस न करने पड़े इसके लिये धलुआ ने होटल संचालक बाबी की हत्या करने की योजना बनाई और इस काम में उसने अपने साथी बौस प्रताप सिंह को साथ लिया फिर इन दोनों ने शातिर हरीश को अपने साथ जोड़ा और योजना के तहत दिल्ली में गाड़ी खरीदने के लिये चलने के बहाने से बाबी को अपने पास बुलाया लेकिन बाबी अपने साथी मोहित के साथ पहुंचा और उसे भी दिल्ली ले चलने की बात कही। योजना के तहत धलुआ, हरीश तथा बौस आदि ने बाबी की हत्या कर दी। मोहित के जीवित रहने पर राज खुल सकता था इसलिये इन लोगों ने मोहित की भी गोली मारकर हत्या कर दी और दोनों के शव गाड़ी की सीटों पर रखने के बाद गाड़ी को सूनसान इलाके में खड़ी कर भाग गये। इन लोगों के सामने ही बाबी ने गाड़ी के डैशबोर्ड में पचास हजार रुपये रखे थे। जिनकी जानकारी होने के कारण हत्यारे यह पैसे भी लूट ले गये और बाद में 25 हजार रुपये हरीश ने ले लिये और 25 हजार रुपये धलुआ तथा बोस सिंह ने बांट लिये। पुलिस ने हत्यारोपियों के पास से इन रुपयों में करीब 24 हजार रुपये हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली।

दोस्ती निभाने में चली गई मोहित की जान

पुलिस जांच में यह भी सामने आ रहा है कि पूरे विवाह में मोहित का कोई लेना-देना नहीं है वह सिर्फ बॉबी के साथ होने बाद दोस्त होने के कारण मर गया है हो सकता है कि उसने हत्या के समय बॉबी का पक्ष लिया हो या विरोध किया हो या फिर आरोपियों ने सक्षम मिटाने के लिए उसे भी मार दिया हो घटना बृहस्पतिवार की है बॉबी टेरेस और हाईवे पर बीके आर्या नाम से ओयो होटल का संचालक था जबकि उसका दोस्त मोहित एक कारखाने में काम करता था । पुलिस कप्तान नीरज कुमार जादौन ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज बाद सर्विलेंस की मदद से काफी कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे।

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