आलोक ठाकुर
कानपुर। चांदी की आसमान छूती कीमतों के कारण आप भी किसी अनजान के बहकावे में आकर कम कीमत पर चांदी खरीदने के लालच में न फंसे। कानपुर पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो चांदी में रांगा मिलाकर लोगों के साथ ही ज्वैलरी का काम करने वालों को ठग रहा था। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर इस अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा किया है। पकड़े गए ठगों के पास के करीब पांच लाख रुपये भी बरामद किये गये हैं।
शातिर ठगों पर था 25-25 हजार का इनाम
पुलिस आयुक्त कानपुर नगर के निर्देशन में और वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में आगरा निवासी दोनों अभियुक्तों पर प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। थाना कर्नलगंज और सर्विलांस सेंट्रल ज़ोन की संयुक्त पुलिस टीम ने ज्वैलर्स के साथ बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले एक अंतर-जनपदीय शातिर गैंग के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान उनसे ठगी से प्राप्त 5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
ऐसे करते थे ठगी
पकड़े गये शातिर ठगों से पूछताछ में सामने आया कि शातिर ठगों के इस गिरोह द्वारा पहले रांगा (कीमती धातु जैसी दिखने वाली सस्ती धातु) पर चांदी की परत चढ़ाकर नकली चांदी की सिल्लियाँ तैयार करता था। इसके बाद वे अलग-अलग शहरों के ज्वैलर्स को निशाना बनाते थे। 18 अक्टूबर 2025 को दो सदस्यों (मोहित कुमार वर्मा व नंदू शाक्य, दोनों पहले से गिरफ्तार) ने कर्नलगंज स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वैलरी शॉप पर फर्जी आधार कार्ड (नाम: राहुल अग्रवाल) दिखाकर यह कहानी सुनाई कि चांदी का भाव बढ़ने पर वे अपनी पुरानी चांदी की सिल्लियाँ बेचकर सोना खरीदना चाहते हैं।
गैंग के अन्य सदस्य दुकान के आसपास रेकी कर रहे थे और किराए के ऑटो में बाहर मौजूद थे।
धनतेरस के दिन भीड़ का फायदा उठाते हुए, जब दुकानदार ने चांदी की सिल्लियों को कटवाकर पुष्टि नहीं की, तो अभियुक्तों ने नकली चांदी बेचकर बदले में सोने के सिक्के और चेन प्राप्त कर लिए और वहाँ से फरार हो गए।
यह किये गये गिरफ्तार
देवेंद्र गुप्ता उर्फ देवा (33 वर्ष), पिता कल्याणदास गुप्ता, निवासी आगरा। इसके खिलाफ आगरा और कानपुर में एनडीपीएस एक्ट, जुए, आपराधिक षडयंत्र सहित कई मामले दर्ज हैं।
आकाश अग्रवाल उर्फ राजा (32 वर्ष), पिता स्वर्गीय अशोक अग्रवाल, निवासी आगरा। इस पर भी धारा 420 (ठगी) और वर्तमान मामले में आरोप है।
गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग थी भूमिका
पुलिस के अनुसार, यह एक अत्यंत शातिर गैंग है जिसके सदस्यों की भूमिका निर्धारित थी – ज्वैलरी शॉप चयन, नकली चांदी तैयारी, फर्जी कागजात और गाड़ी का इंतजाम, तथा दुकानदार को बातों में फंसाना। इस गैंग के कोटा, जयपुर, ग्वालियर, दिल्ली समेत कई शहरों में भी ऐसे ही अपराध करने का रिकॉर्ड है। अभियुक्त फर्जी आधार कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। वे इस बार कानपुर में फिर से किसी अपराध को अंजाम देने आए थे।
जनता व व्यापारी रहें सतर्कः डीसीपी
पत्रकार वार्ता में डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जनता से विशेषकर व्यवसायियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध लेन-देन या प्रलोभन के प्रति सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस की इस सफल कार्रवाई में थाना कर्नलगंज के प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार सहित अन्य स्टाफ और सेंट्रल सर्विलांस सेल के प्रभारी लोकेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम शामिल रही।
