astrologyः इस वर्ष के राजा गुरु,मंत्री मंगल, जाने किस राशि के लिये रहेगा नव संवत्सर

सरस वाजपेयी

19 मार्च से शुरू नव संवत्सर में इस बार यानि विक्रम संवत 2083 (वर्ष 2026-27) में वर्ष का राजा गुरु रहेगा और मंत्री की भूमिका मंगल निभाएंगे। ऐसे में यह वर्ष किस राशि के जातक के लिये कैसा होगा इस लेकर आम चर्चा बनी है। पंचांग के अनुसार यह वर्ष 12 नहीं बल्कि 13 महीनों का होगा। ग्रहों की स्थिति के अनुसार हर वर्ष को विशेष नाम दिया जाता है। इस नाम से वर्ष में होने वाले प्रभावों का संकेत मिलता है। इस संवत को रौद्र संवत कहा जा रहा है। रौद्र संवत का योग करीब 54 साल बाद बन रहा है। शुरू हुआ यह संवतसर किस राशि के लिये कैसा रहेगा इसे जानने की इच्छा ज्योतिष विद्या व ग्रहों पर भरोसा रखने वाले लगभग सभी लोगों में है। अधिकांश लोगों के लिये व्यक्तिगत तौर पर यह वर्ष बेहतर रह सकता है जिनकी राशि पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना है वह अपने ज्योतिषी से जानकारी कर कुछ उपाय अथवा प्रयोग कर इस अपने अनुकूल कर सकते हैं।

6 अप्रैल 2027 तक चलेगा यह संवत

संवत 2083 के राजा देवताओं के गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल गुरु बृहस्पति जहां सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के साथ अध्यात्म की ओर लोगों को अग्रसर करेंगे। वहीं दूसरी ओर ग्रहों के सेनापति मंगल अग्नि के कारक है। ऐसे में ये क्रोध, आवेश, ऊर्जा आदि में देखने को मिलेगा। 19 मार्च से 6 अप्रैल 2027 तक ये संवत रहेगा। इस दौरान शनि मीन राशि में विराजमान रहेंगे। राहु इस समय कुंभ राशि में हैं और 5 दिसंबर को मकर राशि प्रवेश करेंगे। वहीं केतु सिंह राशि में विराजमान है और 5 दिसंबर को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बृहस्पति भी वर्ष के प्रारंभ के कुछ समय बाद उच्च राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलेगा। मंगल, शुक्र, सूर्य, बुध, चंद्रमा एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते रहेंगे, जिसका असर राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया में देखने को मिलने वाला है।

कई जगह हो सकते हैं बड़े राजनीतिक बदलाव

ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पंडित पवन तिवारी।

ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष व ज्योतिषाचार्य पंडित पवन तिवारी का आंकलन है कि मंगल के कारण इस साल आक्रोश से लेकर टकराव की स्थितियां देखने को मिल सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देशों के बीच तनाव हो सकता है। कई बड़े राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं। प्राकृतिक आपदाएं आगजनी, सूखा, भूकंप या फिर कम वर्षा जैसी स्थितियां हो सकती है।महंगाई बढ़ सकती है।

मंगल के कारण लोगों के स्वभाव में में काफी बदलाव होने वाला है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों में विवाद से लेकर तनाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही धोखेबाजी से लेकर गलत आचरण में फंस सकते हैं। आर्थिक स्थिति के मामले में भी ये साल काफी चुनौतियां लेकर आ सकता है।

20 मार्च से 11 मई के बीच जनता में असंतोष, आक्रोश और आंदोलन जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं, जहां राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से रणनीतियां अपनाने की कोशिश करेंगे। इस वर्ष ग्रहों के अनुसार गुरु को राजा और मंगल को मंत्री माना गया है, जिससे सत्ता, शक्ति और आक्रामक फैसलों का प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि, अन्य ग्रहों की स्थिति भी समाज, अर्थव्यवस्था और जनभावनाओं को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती नजर आ सकती है।

इस राशि के लिये ऐसा रहेगा मौजूदा साल

मेष राशि- इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा और बृहस्पति के प्रभाव से परिस्थितियों में सुधार देखने को मिलेगा।

वृषभ राशि- ये साल इस राशि के जातकों के लिए अच्छे और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि- इस राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी, हालांकि मन में कुछ भ्रम या असमंजस की स्थिति रह सकती है।

कर्क राशि- इन राशियों को नए अवसर सामने आएंगे और समय के साथ परेशानियां धीरे-धीरे कम होती जाएंगी।

सिंह राशि- इस वर्ष मिले-जुले परिणाम मिलेंगे, लेकिन दिसंबर के बाद हालात बेहतर होने लगेंगे।

कन्या राशि- इस राशि के जातकों के लिए ये साल बहुत ही शुभ और समृद्धि देने वाला सिद्ध होगा।

तुला राशि- इस राशि वालों के जीवन में संपत्ति, घर या अन्य बदलाव के योग बनेंगे, हालांकि उन्हें सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

वृश्चिक राशि- साल के आरंभ में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आगे चलकर राहत मिलेगी।

धनु राशि- इस राशि के जातकों के लिए संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी, फिर भी उनका साहस और आत्मबल कायम रहेगा।

मकर राशि- इस राशि के लिए यह वर्ष नए अवसरों और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला साबित होगा।

कुंभ राशि- इस साल बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चला आ रहा दबाव कम होगा।

मीन राशि- इस राशि के जातकों को शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन समय के साथ स्थितियां उनके पक्ष में सुधरती जाएंगी।

भगवान शिव की पूजा होगी लाभकारी

विक्रम संवत 2083 में शुभ फलों के लिए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना लाभकारी होगा। इस वर्ष आप ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के दर्शन करें।

नोट – लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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