निशंक न्यूज।
कानपुर। ऑपरेशन महाकाल में शहर के तमाम सफेदपोश माफियाओं पर कानून का शिकंजा कस रहा है। इसी में सोमवार को भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद दूसरे दिन एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता ने नेगी पर पति के एक करोड़ अस्सी लाख रुपए हड़पने और सदमे में पति का हार्ट अटैक से मौत होने की शिकायत की है। नेगी के खिलाफ करीब एक दर्जन से ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं। गजेंद्र सिंह फ्लैट-दुकान के लिए रकम हडप जाता था।
बताया गया है कि रावतपुर थाना पुलिस को दी तहरीर में प्रतिमा पाण्डेय पत्नी स्व विष्णु कुमार पाण्डेय, 101,मसवानपुर ने कहा है कि सन् 2016 से सन् 2022 के बीच में उसके पति से गजेन्द्र सिंह नेगी 1.80 करोड़ रूपया, दो दुकान व दो फ्लैट बेंचने के नाम पर लिया था और कहा था जैसे ही बिल्डिंग (नेगी टवर स्थित डेरपुरम,आवास विकास) तैयार हो जायेगी, मैं चलकर आपके नाम बयनामा कर दूँगा। जब बिल्डिंग तैयार हो गयी तब मेरे पति विष्णु कुमार पाण्डेय ने कई बार गजेन्द्र सिंह नेगी से बयनामा करने को कहा तो उसने बयनामा करने से इन्कार कर दिया और कहा कि आप अपना रूपया वापस ले लो जिसकी एवज में कुछ चेके दी थी, परन्तु बैंकों का विलय हो जाने के कारण वो सभी चेकें बेकार हो गई। प्रतिमा का कहना है कि उसके पति ने जब फिर से अपने 1.80 करोड़ रूपया का तगादा किया तो गजेन्द्र सिंह नेगी नई चेक देने को कहकर काफी समय तक टालमटोल करता रहा। मेरे पति लगभग 3 साल से हर रोज मुझसे 1.80 करोड़ गजेन्द्र सिंह नेगी के पास फंसे होने की बात कहते थे और मुझसे अक्सर कहते थे कि रोजाना लोग मुझसे तकादा करते है। मैं कैसे लेनदारों के पैसे चुका पाऊँगा।
प्रतिमा का आरोप है कि इस आदमी ने मुझे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है तथा मुझे कंगाली की ओर पहुँचा दिया है। ऐसा वह मुझसे बताया करते थे। फिर फऱवरी 24 को उसके पति पुनः तगादा करने गये तो गजेन्द्र सिंह नेगी ने, नेगी बैंक्वेट हाल में मेरे पति को गाली-गलौज कर मारा-पीटा व अपने गेस्ट हाउस से अपमानित करके भगा दिया और कहा कि पाण्डेय जी रूपया तो अब अगले जनम में लेना, इस जनम में तो भूल जाओ। इसके बाद इसी महीने की 17 तारीख को गजेन्द्र सिंह नेगी ने रात को 10-11 बजे के बीच मेरे पति से 20,00,000/- रू और मांगने की डिमान्ड रखी थी तथा यह कहा कि पाण्डेय जी 20,00,000/- रू0 नहीं दोगे तो 1.80 करोड़ भी नहीं मिलेंगे। इस घटना के बाद से मेरे पति अवसाद ग्रस्त हो गये थे और फिर हार्ट अटैक से अगले दिन ही उनकी मृत्यु हो गयी थी।
इस तरह करता रहा करोड़ों की ठगी फ्लैट-आफिस का सपना दिखाकर ठगी गजेंद्र ने सबसे पहले आवास-विकास के भूखंड पर अपार्टमेंट बनाकर बुकिंग के नाम पर रकम जुटाई। आरोप है कि, एक-एक फ्लैट के लिए तीन-चार लोगों से इकरारनामा किया गया। बाद में नेगी ने अपार्टमेंट के कमरों को तोड़कर गेस्ट हाउस बना दिया। बुकिंग करने वालों ने रकम वापस मांगी तो गुंडई पर उतर आया। कुछ लोगों की शिकायत पर उस वक्त नेगी को जेल जाना पड़ा था। जेल से लौटने के बाद नेगी ने बेईमानी की नीयत से बुकिंग कराने वालों को धमकाना शुरू किया तो गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी। कुछ साल बाद नेगी ने फिर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के नाम पर लोगों को ठगा और रकम ऐंठने के बाद परिसर को होटल के रूप में तब्दील कर दिया।