ओपी पांडेय
अलीगढ़। जनपद अलीगढ़ जल्द ही प्रदेश का दूसरा ऐसा नगर निगम बनेगा जहां स्ट्रीट लाइट स्वचालित होंगी इनका संचालन भी इसी तरह किया जाएगा और रखरखाव भी। इस काम में करीब 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे लेकिन स्वचालित स्ट्रीट लाइट सिस्टम हो जाने से यातायात के संचालन में काफी सहूलियत मिलेगी और आम लोगों को भी जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को नोएडा की तर्ज पर व्यवस्थित करने के लिये महापौर तथा नगर आयुक्त के पद पर तैनात युवा आईएएस ने कमर कस ली। माना जा रहा है कि ऐसी व्यवस्था हो जाने से आम लोगों को राहत मिलने के साथ ही अलीगढ़ रोशनी से जगमगा जाएगा जिससे दूसरे जनपद के लोगों में इस जनपद की छवि भी बेहतर हो सकेगी।
कंट्रोल रूम से की जाएगी मानीटरिंग

बताया गया है कि इस व्यवस्था को लंबे समय तक व्यवस्थित रखने के लिये एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जहां से पूरे जनपद में की जा रही इस व्यवस्था की मॉनीटिरिंग की जा सकेगी। मतलब यह पूरी व्यवस्था सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होगी। कंट्रोल रूम में लगे उपकरणों सीसीएमएस से यह पता चल सकेगा की कहां और कौन सी लाइट बंद है इसका पता चलते ही इसे दुरस्त कराया जा सकेगा। सभी स्ट्रीट लाइट जुड़ेंगी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से-स्ट्रीट लाइट के डिम होने से खराब व बंद होने पर नजर रखने के साथ ही व्यवस्था की जाएगी की खराब लाइट को 12 घंटे में दुरस्त करा दिया जाए।
दो फीसद से ज्यादा लाइट खराब होने पर लगाया जाएगा जुर्माना
नगर निगम के जानकार लोगों का कहना है कि जो व्यवस्था की जा रही है उसके तहत सौ फीसद लाइटें सर्विस लेवल एग्रीमेंट से जलेंगी और 98%से कम जलने पर नगर निगम संबंधित फर्म पर जुर्माना लगाएगा। अगर 12 घंटे में खराब लाइट ठीक नहीं की जाती है तो 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से संबंधित फर्म पर जुर्माना लगाया जाएगा।
हर जोन में आठ करोड़ रुपये से कराया जाएगा काम
जानकारों का कहना है कि 32 करोड़ की लागत से शहर रोशन होगा और नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट के ऑटोमेशन, मेंटिनेंस व ऑपरेशन की कवायद के लिए जो कदम उठाया है उससे हर जोन में लगभग 8 करोड़ की लागत से स्ट्रीट लाइट का काम किया जाएगा। नगर निगम अलीगढ़ द्वारा एलईडी स्ट्रीट लाइटों के संचालन व रख-रखाव के लिये निविदा आमंत्रित की हैं। ऐसा हुआ तो जल्द शहर वासियों को बंद और ख़राब स्ट्रीट लाइट से छुटकारा मिलेगा इस व्यवस्था का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से ऑपरेशन होगा और इंटीग्रेटेड कमांड एन्ड कंट्रोल सेंटर ऑटोमेशन एंड मेंटिनेस हर स्ट्रीट पोल पर निगाह रखेगाय़।
शहर का हर कोना रोशनी से होगा जगमग

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया शहर का कोना-कोना जगमग रोशनी से रोशन हो इसके लिए माननीय महापौर के दिशा निर्देशन में सभी नगर निगम के 4 ज़ोन में स्ट्रीट लाइट के ऑटोमेशन मेंटिनेंस व ऑपरेशन के लिए कवायद को शुरू कर दिया गया है इस कार्य के लिये ई निविदा आमंत्रित की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत शहर की सभी स्ट्रीट लाइट को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा ताकि स्ट्रीट लाइट के बंद होने डिम होने अथवा खराब होने की तत्काल सूचना मिल सके और सूचना के आधार पर अगले 12 घंटे में लाइट ठीक करना होगा। इसके साथ-साथ सभी ज़ोन में सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा जिसकी मदद से पता चल सकेगा कौन सी लाइट कौन से वार्ड में बंद है।
उर्जा की होगी बचत, रहेगा प्रकाश की बेहतर व्यवस्था
नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बेहतर संचालन से नागरिकों को ऊर्जा की बचत, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा का लाभ मिलेगा। नगर निगम का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से नगर निगम सीमा का कोना-कोना जगमगाये। इस व्यवस्था से शहर की लाइट व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

आम लोगों में सुरक्षा की भावना होगी प्रबल
महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस परियोजना के पूर्ण हो जाने से शहर की रात्रि में खूबसूरती बढ़ेगी साथ-साथ महिला पुरुष बच्चों और बुजुर्ग में सुरक्षा की भावना प्रबल बनेगी अलीगढ़ सुरक्षित होगा। इस कदम से शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित व अलीगढ़ की स्मार्ट सिटी परिकल्पना को नई दिशा मिलेगी।