निशंक न्यूज ।
जेडीयू नेता नीतिश कुमार ने 20 नवम्बर गुरूवार को लगातार दसवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बिहार में अपनी पकड़ का एहसास करा दिया। अगर नीतिश कुमार वर्तमान सरकार का कार्यकाल पूरा करते है तो वह कई रिकार्ड बना लेंगे। कार्यकाल पूरा होने पर वह लगातार सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने के मामले में बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु व उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पीछे छोड़ेगे।
27 मंत्रियों के साथ नीतीश ने ली थी दसवीं बार सीएम की शपथ

बताते चलें कि गुरुवार 20 नवंबर को जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री की शपल ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नीतीश के साथ ही 27 मंत्रियों ने शपथ ली थी। नीतीश कुमार 10 वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार के साथ ही नई सरकार के 26 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। बीजेपी के कोटे से सरकार में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। नीतीश कैबिनेट में बीजेपी से 14, जेडीयू से आठ, एलजेपीआर से दो, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं।
नीतीश मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले मंत्रियों में मंगल पाण्डेय, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद, मदन सहनी भी शामिल हैं. जीतनराम मांझी की पार्टी से उनके बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली है। नीतीश कुमार के शपथग्रहण में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ एनडीए की सरकार वाले राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे थे।
नीतीश को नहीं मिला गृह मंत्रालय
बिहार में नीतीश कुमार भले ही दसवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ ले ली हो लेकिन उन्हें झटका लगा जब भाजपा ने दबाव बनाया और नीतीश कुमार को गृह मंत्रालय छोड़ना पड़ा। बीस साल के मुख्यमंत्रित्वकाल में ऐसा पहली बार हो रहा है जब नीतीश कुमार के पास गृह मंत्रालय न रहा हो। नीतीश कुमार से गृह मंत्रालय लेकर बिहार में भाजपा का चेहरा बनकर उभर रहे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपा गया है। गृह मंत्रालय किसी भी सरकार का सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय माना जाता है क्योंकि कानून व्यवस्था से ही आम लोगों के बीच सरकार की छवि बनती-बिगड़ती है। इस मंत्रालय के बदले भाजपा ने पिछली बार अपने कोटे में आये वित्त मंत्रालय को जेडीयू को सौंप दिया है। बताते चलें कि शुक्रवार को बिहार के मंत्रियों के बीच मंत्रालय का बंटवारा कर दिया गया। जिसमें भाजपा का प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिला।
बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री

वर्ष 2025 तक नीतीश कुमार 19 वर्ष 84 दिन बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यह अवधि उन्हें राज्य का सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाला मुख्यमंत्री बनाती है। दस बार शपथ लेने का रिकॉर्ड देश में अब तक किसी अन्य मुख्यमंत्री के पास नहीं है।
अभी तीन नेता है सबसे ज्यादा समय तक सीएम रहने में नीतीश से आगे
नीतीश कुमार भले ही बिहार में सबसे लंबे समय तक पद पर रहे हों, पर राष्ट्रीय स्तर पर यह रिकॉर्ड सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नाम दर्ज है। वह वर्ष 1994 से 2019 तक लगभग 24 वर्ष 165 दिन लगातार मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा ओडिशा के नवीन पटनायक ने वर्ष 2000 से 2024 तक लगभग 24 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु ने वर्ष 1977 से 2000 तक लगभग 23 वर्ष राष्ट्रपति शासन को छोड़कर लगातार पद संभाला। इन नेताओं की सूची में अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी प्रमुख रूप से शामिल किए जाते हैं।
