विकास वाजपेयी
भाजपा के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोंचा भी नहीं था कि वह सबसे ज्यादा सदस्यों वाली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं। सामान्य कार्यकर्ता की तरह काम करने वाले मिलनसार स्वभाव के नितिन नवीन को इस नई जिम्मेदारी की जानकारी उस समय मिली जब वह पार्टी के एक कार्यक्रम में मंचासीन थे। फोन पर ऐसी सूचना मिलने के बाद वह अवाक रह गए। माइक की आवाज कम कराने के बाद उन्होंने फिर फोन करने वाले से बात की और सूचना पक्की होने के बाद भी वह इस बात पर भरोसा नहीं कर सके कि सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के वह राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं। इधर मंगलवार को श्री नवीन ने बिहार के मंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा पार्टी के पूर्व अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।
कार्यकारी अध्यक्ष ही बनता रहा है राष्ट्रीय अध्यक्ष
बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन को भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके बाद से साफ हो गया है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक अब पार्टी की कमान नितिन नवीन के हाथों में रहेगी और भाजपा में यह देखा जा रहा है कि कार्यकारी अध्यक्ष को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाती है और ऐसा ही रहा तो बिहार के विधायक नितिन नवीन ही भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। जानकारों की मानी जाए तो आम तौर पर चुनाव से पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाते हैं और बीजेपी की परंपरा रही है कि यही कार्यकारी अध्यक्ष आगे चलकर पूर्णकालिक अध्यक्ष बनते हैं।
मंच पर मिली कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी
बताया गया है कि बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन एक कार्यक्रम में मौजूद मंचासीन थे। कार्यक्रम में माइक तेज आवाज में था इसी दौरान उनके फोन पर एक कॉल आई तो दिल्ली से फोन आने के कारण उन्होंने तुरंत फोन रिसीव कर लिया। आवाज पूरी तरह साफ न सुनाई देने के कारण उन्होंने मंच पर बज रहे लाउडस्पीकर को बंद करवाकर बात की तो दिल्ली से फोन करने वाले ने उन्हें नया कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी दी। यह सुनकर वह अवाक रह गए। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर इतना बड़ा भरोसा जताया है। नितिन नवीन ने यह जानकारी कार्यक्रम में उनके साथ मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को दी तो दोनों ने उन्हें बधाई दी और भरोसा दिलाया कि यह फोन िकिसी ने मजाक में नहीं किया बल्कि पार्टी का बड़ा फैसला है।

कार्यकर्ताओं को संबे समय तक याद रखते हैं नवीन
निजी जीवन में भी नितिन नवीन मिलनसार और लोगों को जोड़कर चलने वाले नेताओं में से एक हैं। बिहार की राजनीति में ऐसे बहुत कम नेता हैं जो इतने जमीनी हैं। पत्रकारों के लिए भी सुलभ और सामान्य होना और मृदुभाषी होना उनकी खासियत में से एक है. यदि आप भी उनसे लंबे समय बाद भी मिलेंगे तो वो आपको भूलेंगे नहीं. भीड़ में भी पहचान लेंगे. ऐसे वो अपने साथ काम करने वालों के साथ भी हैं। चाहे कितने भी व्यस्त हों, रात में अपने ड्राइवर से लेकर माली और अपने स्टाफ से यह जानकारी जरूर लेते हैं कि उन लोगों ने खाना खाया या नहीं।
