Chitrakoot: नहीं थमा मंदाकिनी का कहर, मानिकपुर के कई मोहल्ले बने टापू

एसएम गुप्ता

चित्रकूट-मानिकपुर। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से धर्मनगरी में पैदा हुआ संकट बुधवार को भी पूरी तरह टला नहीं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच रामघाट समेत नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी भरा रहा। कई घरों और प्रतिष्ठानों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बनी रहीं। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और भोजन समेत जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मंगलवार को जिले की बाढ़ स्थिति की समीक्षा करने पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के निर्देशों के बाद बुधवार को प्रशासनिक अमला राहत कार्यों में जुटा रहा।

चुनौती बना राम घाट के आसपास आना जाना

मंदाकिनी के उफान से रामघाट और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर सबसे अधिक दिखाई दिया। मंगलवार तक कई निचले हिस्से जलमग्न हो चुके थे और बुधवार को भी प्रभावित इलाकों में आवाजाही चुनौती बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार बाढ़ का पानी उतरने के बाद तबाही के निशान और ज्यादा साफ दिखाई देने लगे हैं। कई घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान खराब हुआ है, जबकि दुकानदारों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

डीएम-एसपी ने की मंदिर से लोगों को निकालने की कोशिश

बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामघाट स्थित मंदिरों तक पानी पहुंच गया। बुधवार को डीएम और एसपी ने बाढ़ के बीच मंदिर में मौजूद पुजारी को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए समझाया। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को जोखिम वाले स्थानों से निकालकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाना रही।

10 हजार प्रभावितों तक पहुंचा राहत भोजन

प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन और राहत सामग्री का वितरण जारी रखा गया। बुधवार को करीब 10 हजार बाढ़ प्रभावितों को लंच पैकेट बांटे जाने का दावा किया गया। राहत शिविरों में भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।

मंत्री के निर्देश के बाद राहत कार्यों को मिली रफ्तार

प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों से उनकी समस्याएं जानी थीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की थी और रामघाट में बाढ़ के बाद जमा मलबे की तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। राहत किट में खाद्य सामग्री के साथ अन्य जरूरी सामान भी शामिल था।

मानिकपुर में बिगड़े हालात, कई मोहल्ले बने टापू


रात से हो रही लगातार बारिश ने मानिकपुर कस्बे समेत पाठा क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के चलते मानिकपुर कस्बे के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि पाठा क्षेत्र के दर्जनों गांव भी पानी से प्रभावित हैं। नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित गांधी नगर मोहल्ला पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गया है।
मानिकपुर रेलवे पुल के पास करीब ढाई फुट पानी बहने से आवागमन प्रभावित है। वहीं रेलवे पुल से पुराना इलाहाबाद बैंक तक रहने वाले दो दर्जन से अधिक व्यापारियों और स्थानीय लोगों के घरों में पानी घुस गया है। मेन बाजार में भी बारिश का पानी दुकानों और घरों तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे तालाब में तेज रिसाव से बढ़ी चिंता

कस्बे के जवाहर नगर के पास स्थित रेलवे तालाब लगातार बारिश के कारण उफान पर है। तालाब से पानी का रिसाव तेजी से होने के चलते आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। सभासद राकेश कुमार यादव का कहना है कि यदि तालाब की स्थिति बिगड़ी और पानी का दबाव बढ़ा तो आसपास के करीब आधा दर्जन मोहल्ले प्रभावित हो सकते हैं।
तालाब के आसपास रहने वाले लोगों ने प्रशासन से तत्काल स्थिति का जायजा लेकर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाने की मांग की है।

भरोसा बांध भी उफान पर

वहीं कस्बे से सटे भरोसा बांध में भी लगातार बारिश के कारण पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध का पानी गंदा नाला के ऊपर से बह रहा है। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम बांधों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों और कर्मचारियों को जलस्तर पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

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