सरस वाजपेयी
दिल्ली में हुए धमाकों में ह्रदय रोग संस्थान के एक डाक्टर को हिरासत में लेने के बाद एटीएस ने कानपुर में अपना संजाल और कस दिया है। अभी दो और डाक्टरों की गतिविधियों और उनके संपर्क सूत्रों पर एटीएस ने अपनी नजरें गड़ाई हैं। इधर एटीएस ने हिरासत में लिये गये डाक्टर मोहम्मद आरिफ के करीबी लोगों के साथ ही उसके मकानमालिक तथा करीबी डाक्टर से जानकारियां जुटाईं। अधिकांश ने अपनी बातचीत में यही कहा कि उन्हें कभी भी आभास नहीं हुआ कि डाक्टर आरिफ आतंकियों से जुड़ा हो सकता है। इधर पुलिस ने भी कानपुर में खुफिया संजाल को सक्रिय कर दिया है। गुरुवार को खुफिया की टीम आसिफ के आवास के आसपास के इलाकों के साथ ही इस बात की जानकारी जुटाती रही कि आसिफ के संपर्क में कौन-कौन रहता था।
किसी से दुआ सलाम भी नहीं करता था डाक्टर आरिफ

जानकार पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो एटीएस द्वारा हिरासत में लिया गया डाक्टर आरिफ बहुत कम लोगों से बात करता था ना तो वह अस्पताल में किसी से ज्यादा बात करता था और ना ही अशोक नगर में जहां वह किराए का घर लेकर रहता था। गुरुवार दोपहर कानपुर पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तार डॉ. मोहम्मद आरिफ के मकान मालिक कन्हैयालाल से डाक्टर आरिफ के संबंध में जानकारी जुटाई। इस दौरान मकान मालिक कन्हैयालाल ने पुलिस को बताया, आरिफ चुपचाप रहता था, किसी से दुआ-सलाम नहीं करता था। उसे देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी ऐसी गतिविधि में शामिल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि डाक्टर आरिफ की कोई भी गतिविधि कभी संदिग्ध नहीं लगी।
एक सीनियर डॉक्टर से ज्यादा करता था बात
जानकार पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो अब तक की जांच में यह सामने आया है कि एटीएस द्वारा हिरासत में लिया गया डाक्टर आरिफ ह्रदय रोग संस्थान तथा अशोक नगर में ज्यादा लोगों से बात नहीं करता था हां ह्रदय रोग संस्थान में कार्डियोलॉजी विभाग के एक सीनियर डाक्टर से ही उसको बातचीत करते हुए ज्यादा देखा जाता था। इस सीनियर डॉक्टर की पहल पर ही डाक्टर आरिफ को अशोक में किराए पर मकान मिला था। बाद में इस डाक्टर की तैनाती दूसरे जनपद में हो गई और वह वहीं पर तैनात हो गया। अब इस बात की जानकारी की जा रही है कि कानपुर से जाने के बाद इस डाक्टर के संबंध पहले की ही तरह डाक्टर आरिफ से हैं अथवा संबंध खत्म हो गए। इस बात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस इस सीनियर डाक्टर से जानकारी कर सकती है।
डाक्टर आसिफ ने पीजीआई लखनऊ के बजाए चुना था कानपुर
गुरुवार दोपहर गणेश शंकर विद्यार्थीमेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) के कार्डियोलॉजी विभाग के मीडिया प्रभारी डॉ. अवधेश शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एटीएस द्वारा पकड़े गये डाक्टर मोहम्मद आरिफ ने नीट सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1008 हासिल की थी। पहली काउंसिलिंग में उन्हें लखनऊ के एसजीपीजीआई में प्रवेश मिला, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया। दूसरी काउंसिलिंग में उन्हें उन्हें कानपुर के कॉर्डियोलॉजी विभाग में प्रवेश मिला, जिसे उन्होंने ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया
विभागाध्यक्ष बोले ‘सामान्य था डाक्टर आरिफ का व्यवहार
कार्डियोलॉजीविभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश्वर पांडेय ने बताया, आरिफ काफी शांत स्वभाव का था। वह अपने काम के प्रति बेहद गंभीर था। उसे देखकर कभी नहीं लगा कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल हो सकता है। आरिफ के सहकर्मी डॉ. अभिषेक ने बताया, आरिफ कभी भी किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नजर नहीं आया। उनका व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति जैसा ही था।
अस्पताल में ड्यूटी कर निकला था
डॉ.आरिफ ने गिरफ्तारी से पहले बुधवार सुबह 2 बजे से दोपहर 5 बजे तक अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी की थी। इसके बाद वह अपने अशोकनगर स्थित किराए के मकान पर चला गया था। अस्पताल परिसर में हॉस्टल खाली न होने के कारण वह वहां रह रहा था।
