परेशान कर रही है पाठा क्षेत्र में रुक-रुक कर होने वाली बारिश

एसएम गुप्ता

चित्रकूट। गुरुवार को मानिकपुर कस्बे मे रिम झिम वारिश के बाद मौसम साफ रहा लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो मे रुक रुक कर हो रही बारिश ग्रामीणों को फिर दहशत में डाल रही है। वारिश हो रही थी वही पाठा क्षेत्र की बरदहा नदी के उफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी का पानी कई गांवों और संपर्क मार्गों तक पहुंचने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मानिकपुर टिकारिया मार्ग के कारी बराह रपटा व मानिकपुर धारकुण्डी मार्ग के पुल के पास सडक बह जाने से उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश का आवागम प्रभावित रहा। इधर जिलाधिकारी पुल्कित गर्ग यहां के हालात का जायजा लेने पहुंचे तो लोगों में जल्द पूरी मदद मिलने की उम्मीद जगी।

बरदहा में बाढ़ से चालीस गांव प्रभावित

बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण की समस्या बताते ग्राम प्रधान

बरदहा नदी के चपेट मे आए तहसील के लगभग 40 गावो मे मुख्य रूप से चमरौहा मऊ गुरदरी गढवा टेढवा सकरौहा रानीपुर गिदुरहा रामपुर , कल्यानपुर सेखापुर नागर लक्ष्मनपुर , बधवा , डोडा माफी जारौमाफी , बभिया , टिकारिया ,मनगवा, निही चरैया ,हेला, बेलहा , चित्रघटी जमुनिहा ई मोटवन छिव लहा आदि गावो मे प्रभावित है। बरदहा नदी के चपेट मे आए ब्लाक के मऊ गुदरी गांव के मजरे हरभूषण पुरवा , हरभजन पुरवा के लगभग दो हजार से अधिक आवादी है / प्रधान रामनाथ ने बताया लगातार वारिश के चलते गाव की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है एक तरफ चमरौहा रपटा तो दूसरे तरफ पन्ना घाट चारो तरफ से पानी ही पानी है कई घरो मे पानी भरने से घर गिर गए है। गांव के रामगरीब दयाराम शिव नन्दन व नव ल किशोर ने बताया बरदहा नदी के उफान के कारण गांव मे न बिजली है न पानी , किसी तरह हैण्डपंप का गंदा युक्त प्यास बुझा रहे है। गांव के लोगो का कहना है अभी तक शासन प्रशासन द्वारा कोई भी राहत टीम नही पहुची

पाठा क्षेत्र में डीएम ने देखी समस्या, कहा किसी ग्रामीण को न हो परेशानी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पैदल चलकर समस्या को समझते जिलाधिकारी पुल्कित गर्ग

लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित पाठा क्षेत्र के गांवों में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी भी ग्रामीण को परेशानी न हो और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। डीएम ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन पूरी तरह ग्रामीणों के साथ खड़ा है। राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को गांवों में लगातार निगरानी रखने तथा स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों में भी प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

रेलवे के अधिकारी कर रहे पटरियों की निगरानी

मानिकपुर- सतना रेलमार्ग पर निरीक्षण करते रेलवे पुलिस व सुरक्षा बल के अधिकारी

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मानिकपुर-सतना रेलखंड पर सुरक्षा और संरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। बारिश के कारण रेलखंड के मारकुंडी से टिकारिया, इटवा डुडैला, मझगवां, चितहरा और खुटवा स्टेशन तक तीसरे दिन भी ट्रेनों का संचालन कॉशन के तहत धीमी गति से कराया गया।

पीडब्ल्यूआई वरुण कुमार ने बताया कि बारिश के मद्देनजर रेलवे कर्मचारी रेल पटरियों की लगातार सर्चिंग कर रहे हैं। ट्रैक पर जलभराव, मिट्टी के कटाव अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है, ताकि रेल संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।

वहीं, आरपीएफ प्रभारी मो. शालिक अपनी टीम के साथ रेलखंड में लगातार गश्त कर रहे हैं। टीम द्वारा संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा एवं संरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है।

स्टेशन प्रबंधक शीवेश मालवीय ने बताया कि मानिकपुर-सतना रेल मार्ग पर मारकुंडी से खुटवा तक करीब 40 किलोमीटर के रेलखंड में ट्रेनों को कॉशन के तहत 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धीमी गति में चलाया जा रहा है। रेलवे प्रशासन बारिश के दौरान ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वही आर पी एफ प्रभारी मो शालिक अपने टीम के साथ रेलवे टैक मे सघन निगरानी की जा रही है।

बबाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए सामाजिक संगठन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की मदद करते आरएसएस से जुड़े स्वयं सेवक

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए वनवासी कल्याण केंद्र एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को तहसील क्षेत्र के डोडामाफी और जारोमाफी टिकारिया ग्राम सभाओं में राहत अभियान चलाया गया। इस दौरान बाढ़ से प्रभावित परिवारों को भोजन सामग्री वितरित की गई।

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करते सामाजिक संगठन से जुड़े लोग

राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। राहत वितरण के दौरान कृष्ण कुमार गुप्ता , राज सिंह, राम आधार, कृष्ण गोपाल, अंकित सिंह, आशीष कुमार , राजेश सिंह , धर्मेंद्र द्विवेदी, मनीष कुमार, रामकेश यादव, कृष्ण कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कल्याण केन्द्र के संगठन मंत्री रामअधार ने बताया अपने टीमो के साथ राहत सामग्री गांव गांव मे वितरित की जा रही है।

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