Delhi blastः कानपुर के दो डाक्टरों की कुंडली खंगाल रही खुफिया

सरस वाजपेयी

दिल्ली में धमाके की फाइल फोटो

दिल्ली में हुए धमाके में कानपुर के जीएसवीएम में काम कर चुकी महिला डाक्टर के पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियों की नजर कानपुर में शाहीन के संपर्कों पर गड़ गई है। नौकरी के दौरान शाहीन की मदद करने वालों की गुपचुप पड़ताल की जा रही है। इधर पुलिस ने ऐसे तीन डाक्टरों के संबंध में भी जानकारी जुटानी शुरू की है जो शाहीन से ज्यादा नजदीकी रखते थे। शहर के विभन्न हिस्सों में रहने वाले इन डाक्टरों के संबंध में जानकारी के लिये पुलिस की मददगारों की भी मदद ली जा रही है। इधर शाहीन के पति ने पत्रकारों व पुलिस के सामने अपनी बात रखी। उनका कहना था कि तलाक के बाद से उन्हें जानकारी ही नहीं कि शाहीन कहां और किसके संपर्क में है।

आस्ट्रैलिया में बसने का दबाव बनाती थी शाहीन

आतंकी संगठन से जुड़े होने के आरोप में पकड़ी गई डाक्टर शाहीन

जानकारों की मानी जाए तो डाक्टर शाहीन कानपुर में प्रवास के समय से ही विदेश में बसकर बेहतर जिंदगी जीना चाहती थी। उसे कानपुर की लाइफ स्टाइल समझ में नहीं आ रही थी। शाहीन शाहिदा के पति डाक्टर हैयात तथा अन्य लोगो से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला है कि शाहीन शाहिदा व उसके पति हैयात दोनो ही नौकरी पर थे इस कारण इनका जीवन बेहतर ढंग से चल रहा था। इसके बाद भी शाहीन शाहिदा लम्बे ख्याब देख रही थी।

पत्रकारों से बाच करते डाक्टर शाहीन के पति डाक्टर हयात

वह अक्सर अपने पति डाक्टर हैयात पर बातचीत में दबाव बना रही थी कि वह लोग कानपुर छोड़कर आस्ट्रेलिया अथवा किसी अन्य यूरोपीय देश में चलकर बस जाये तो उनका जीवन और बेहतर हो जायेगा। लेकिन डाक्टर हैयात कानपुर में अपने जीवन को लेकर संतुष्ट थे और वह शाहीन को भी यही समझाते थे कि कानपुर में भी तो बेहतर जीवन चल रहा है। इसके बाद अचानक शाहीन कानपुर छोड़कर चली गयी। बाद में 2012 में शाहीन व डाक्टर हैयात के बीच तलाक हो गया। आज बुधवार को पत्रकारो से बात करते हुए शाहीन के पति हैयात ने बताया कि 2012 में उन दोनो के बीच सहमत से तलाकर हो गया। इसके बाद से उन्होंने कभी यह जानने का प्रयास नही किया कि शाहीन कहा रह रही है और किसके सम्पर्क में है।

जैश की महिला विंग का काम देख रही थी शाहीन

जानकार पुलिस सूत्रो की मानी जाये तो अब तक जांच में सामने आया है कि शाहीन पिछले कुछ सालो से पाक परस्त आतंकी संगठन जैश मोहम्मद के सम्पर्क में थी, और उसको जैश मोहम्मद की तरफ से महिला विंग की कमान सौंपी गयी थी। शाहीन जैश आतंकी सरगना अजहर महमूद की बहन के सम्पर्क में रहकर भारत में युवाअों तथा महिलाअों का ब्रैनवाश कर इन्हे आतंकी संगठन जैश मोहम्मद से जोड़ा जाये। इसके बाद से डाक्टर शाहीन लोगो का ब्रैन वाश कर उन्हे देशविरोधी कार्य में लगाने के लिए आपरेशन चला रही थी।

दो साल से विस्फोटक एकत्र कर रही थी महिला डाक्टर

भरोसेमंद पुलिस सूत्रो की मानी जाये तो अब तक हुई जांच तथा हिरासत में ली गयी जैश मोहम्मद की महिला विंग का काम देख रही डाक्टर शाहीन से हुई पूछताछ के आधार पर सामने आया है कि डाक्टर शाहिन शाहिदा के सम्पर्क में देशविरोधी कार्य में सक्रिय कई लोग थे। डाक्टर शाहीन को करीब दो साल पहले विस्फोटक एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। इसके बाद से वह इस काम में लगी थी। अब पुलिस के लिए यह जानना चुनौती बना है कि डाक्टर शाहीन ने पिछले दो साल में कितना विस्फोटक जुटाया और यह विस्फोटक कहा एकत्र किया गया। यह कनेक्शन भी तलाशे जा रहे है कि फरीदाबाद में बरामद विस्फोटक को एकत्र करने में डाक्टर शाहीन शाहिदा की तो भूमिका नही थी, और अगर शाहीन ने कही अलग विस्फोटक एकत्र किया तो वह कहा कहा भेजा गया, और उसका इस्तेमाल किया जा चुका है या नही।

कानपुर के कुछ लोगो की भी गुपचुप जांच

दिल्ली धमाके के बाद कानपुर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी देते सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार

जानकार पुलिस सूत्रो की मानी जाये तो आतंकियों के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार डाक्टर शाहीन शाहिदा के कानपुर में कई साल तक नौकरी करने और यहां पहले किराये पर घर लेकर रहने व बाद में शादी कर पति के यहां रहने के साथ ही सरकारी नौकरी के दौरान कई लोगो के सम्पर्क में रहने की संभावना के चलते खुफिया पुलिस एेसे लोगो की गुपचुप जांच करने में लगी है जो डाक्टर शाहीन की नौकरी के दौरान उसके सम्पर्क में थे। एेसे दो डाक्टरों की पुलिस को जानकारी मिली जो नौकरी के दौरान डाक्टर शाहीन के सम्पर्क में रहते थे। पुलिस अपने मददगारो की मदद से इन डाक्टरो के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

मेडिकल कॉलेज से जुड़े कनेक्शनों की पड़ताल

एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम मंगलवार देर रात तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां प्रशासनिक अधिकारियों और उनके सहयोगी रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। कॉलेज के रिकॉर्ड में मौजूद उसके दस्तावेजों की जांच की गई। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नौकरी के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में थी और किसके साथ उसके करीबी रिश्ते थे।

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