वेद गुप्ता
कानपुर नगर में सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है इस मौसम में बीमारियां भी पांव पसार सकती है आपको सर्दी के हमले से अपने शरीर को बचाना है कुछ सतर्कता बरतना जरूरी हैं। जिला प्रशासन भी आम लोगों को सर्दी के इस हमले से बचाने के लिये हर प्रयास कर रहा है बस कोई हादसा न हो इसके लिये कुछ सतर्कता बरतनी होगी।
वाहन चलाते समय बरतें सावधानी
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने घने कोहरे, शीत दिवस और अति शीत दिवस की परिस्थितियों को देखते हुए जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोहरे के कारण वाहन चलाने में कठिनाई उत्पन्न हो जाती है और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही दृश्यता कम होने से हवाई अड्डों पर विमान संचालन भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे मौसम में वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी आवश्यक है।
बुजुर्ग-बच्चों व श्वांस रोगियों का रखे ध्यान

जिलाधिकारी ने बताया कि घने कोहरे में मौजूद सूक्ष्म कण और प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जमा होकर उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे घरघराहट, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा आंखों की झिल्लियों में जलन, लालिमा और सूजन की शिकायत भी सामने आ सकती है। ऐसे में विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन संबंधी रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जरूरी काम होने पर ही घर से निकलें वह भी चेहरा ढककर
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो हवाई सेवा, रेलवे या राज्य परिवहन से संपर्क कर समय की जानकारी प्राप्त करें। बिना अत्यावश्यक कारण घर से बाहर न निकलें और बाहर निकलते समय चेहरे को ढककर रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि शीत दिवस और अत्यधिक ठंड के दौरान फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में कंपकंपी को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह शरीर के अत्यधिक गर्मी खोने का प्रारंभिक संकेत है। ठंड के कारण बिजली की खपत बढ़ने से विद्युत आपूर्ति पर भी दबाव पड़ सकता है, ऐसे में बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
यह सावधानियां भी हैं आपके लिये जरूरी
जिलाधिकार ने नागरिकों को सलाह दी कि ढीले-ढाले, हल्के वजन वाले गर्म ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें और बाहरी गतिविधियों को यथासंभव सीमित रखें। सिर, गर्दन, हाथ और पैरों की उंगलियों को अच्छी तरह ढककर रखें, क्योंकि शरीर की अधिकांश गर्मी इन्हीं अंगों से निकलती है। हीटर या अन्य ताप उपकरणों का उपयोग करते समय कमरे में हवा का पर्याप्त प्रवाह बनाए रखें, जिससे जहरीला धुआं सांस के माध्यम से शरीर में न जाए।
बंद कमरे में न जलाएं अंगीठी
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि अंगीठी या किसी भी प्रकार का ताप उपकरण बंद कमरे में न जलाएं, क्योंकि इससे दम घुटने और गंभीर दुर्घटना की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ठंड से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तत्काल प्रशासन या संबंधित विभाग से संपर्क करें।
