निशंक न्यूज।
कानपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस बार गौशालाएँ भी उल्लास, आस्था और भक्ति की रोशनी से जगमगाएँगी। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने जनपद के गोआश्रय स्थलों में विशेष गो-पूजन और सजावट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। प्रत्येक गौशाला की जिम्मेदारी एक-एक अधिकारी को सौंपी गई है, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था सुदृढ़ और व्यवस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने गोशाला के प्रभारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि पर्व का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ हो तथा इसमें स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गाय के गोबर से बने दीये, राधा-कृष्ण की प्रतिमाएँ, झांकी सजावट की सामग्री और अन्य उत्पाद तैयार कर बाजार में उपलब्ध कराए जाएँ। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका का अवसर मिलेगा और आमजन को गौवंश की उपयोगिता और सांस्कृतिक महत्त्व को नज़दीक से देखने का अवसर प्राप्त होगा।
विद्यार्थियों को कराया जाएगा गोआश्रय स्थलों का भ्रमण
डीआईओएस को निर्देशित किया गया है कि कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को गोआश्रय स्थलों का भ्रमण कराया जाए। बच्चों को गोपालन, गौसंवर्धन और गौसंरक्षण के महत्त्व पर जानकारी दी जाएगी, जिससे उनमें पशु संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तैयारियाँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित और उच्च स्तर की हों। शासन की मंशा के अनुरूप पर्व का आयोजन पूर्ण गरिमा, भक्ति और अनुशासन के साथ किया जाए तथा शासन द्वारा निर्गत सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।