अखिलेश-दीनू से नजदीकियों में चार इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी निलंबित

निशंक न्यूज।

कानपुर। शिकायतों को छिपाने में माहिर और पनकी थाने में फरियादी को जूते से मारने के आरोपी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह के साथ-साथ अखिलेश दुबे के इशारे पर रवि सतीजा पर दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा लिखने वाले बर्रा थाने से हटाए गए इंस्पेक्टर नीरज ओझा के अलावा अखिलेश दुबे को सूचना देने व मदद करने के आरोपी इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी और ग्वालटोली इंस्पेक्टर अमान सिंह को भी निलंबित किया गया है। दीनू गैंग की मदद करने में नौबस्ता की आवास-विकास चौकी के प्रभारी आदेश कुमार के साथ-साथ कॉस्मोजिन लाउंज में तमाम हरकतों के गुनहगारों के खिलाफ हल्की लिखा-पढ़ी करने तथा अधिकारियों से तथ्यों को छिपाने के दोषी खलासी लाइन चौकी प्रभारी सनोज पटेल को भी निलंबित किया गया है।

34 बीघा जमीन हड़पने की शिकायत डकार गए मानवेंद्र

पनकी इलाके के किसान फरियाद लेकर थाने पहुंचा था कि, अखिलेश दुबे के इशारे पर उनके करीबियों ने 34 बीघा जमीन को एग्रीमेंट के बहाने हड़प लिया है। साकेत दरबार के करीबी तत्कालीन पनकी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने अखिलेश दुबे सिंडिकेट के खिलाफ शिकायत को दबाने के साथ किसान को डपटकर भगा दिया था। इंस्पेक्टर मानवेंद्र ने कुछ दिन बाद एक युवक के चेहरे पर जूते मारने का आरोप लगा। जांच में अखिलेश दुबे से निकटता के आरोप सच मिलने पर मानवेंद्र को निलंबित किया गया है।

आशीष द्विवेदी पर था पुलिस आफिस की मुखबिरी करने का आरोप

नवाबगंज और फजलगंज थाने में तैनाती के दरमियान और बाद में पुलिस कमिश्नर का पीआरओ तैनात होने पर आशीष द्विवेदी ने महकमे के बजाय साकेत दरबार के लिए काम किया। थानेदारी के दौरान भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीन-जायदाद का काम किया, जबकि पीआरओ बनने पर सूचनाएं लीक करने का दुस्साहस किया था। बाद में उसे डायल 112 में तैनात किया गया, लेकिन पोल खुलने पर लापता हो गया है। विभाग के गद्दार आशीष को निलंबन से पहले अखिलेश दुबे के लिए काम करने के आरोप में एसआईटी ने पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया है, लेकिन उसकी कोई खोज-खबर नहीं है।

अखिलेश के इशारे पर काम करते थे नीरज ओझा व अमान सिंह

रवि सतीजा पर दुष्कर्म की फर्जी एफआईआर लिखने का मामला हो या फिर विवेचना में फर्जी आरोप लगाने वाली नाबालिग को सतीजा की बहू बताने का दुस्साहस। कदम-कदम पर बर्रा के इंस्पेक्टर रहे नीरज ओझा ने साकेत दरबार के दरबारी की जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी। इसी प्रकार ग्वालटोली के इंस्पेक्टर अमान सिंह ने अखिलेश दुबे के शागिर्दों पर नजरें इनायत रखीं। कॉस्मोजिन लाउंज में किसी वक्त लड़की के साथ मारपीट या फिर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाले ठेकेदार के साथ मारपीट का मामला। अमान सिंह ने सदैव अखिलेश के हुक्म पर अभियुक्तों का साथ दिया। नतीजे में हल्की लिखा-पढ़ी और अफसरों की जानकारी बगैर जमानत पर पुलिस का पक्ष भेजा, जिसके कारण अभियुक्तों को जमानत मिल गई।

आदेश ने रकम बटोरकर चोरी से भेजा था जेल

नौबस्ता की आवास-विकास चौकी प्रभारी आदेश कुमार यादव का चरित्र पुलिस डायरी में स्याह है। जनता और स्टाफ के साथ गंदा व्यवहार करने का आरोपी आदेश कुमार ने दो महीने पहले नौबस्ता थाने में दर्ज अरिदमन सिंह तथा उसके ससुर-साले के खिलाफ मुकदमा में विवेचना में लापरवाही बरती। इसी के साथ अरिदमन सिंह के ससुर का चोरी-चुपके जेल दाखिला किया था। आरोप था कि, मोहल्ले में इज्जत की खातिर रामप्रसाद सिंह ने लाखों रुपए नजराना का ऑफर दिया था, जिसके बाद आदेश ने चोरी-चुपके जेल रवानगी का ताना-बाना बुना था।

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