West Bengal: ममता के भतीजे अभिषेक के खिलाफ एफआईआर

निशंक न्यूज ब्यूरो।

पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अभिषेक के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मुकदमें में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गयी टिप्पणियों का भी जिक्र है। जानकारों की मानी जाए तो टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज मुकदमें में बीएनएस की धारा 192 (दंगा भड़काने के उद्देश्य से जानबूझकर उकसाने के अपराध) 196 (शत्रुता और नफरत को बढ़ावा देना), 351 (2)(आपराधिक गंभीर धमकी) और 353(1)(सी) (नफरत भड़काने के मकसद से झूठी सूचना और अफवाहें फैलाना) की धाराएं लगाई गई हैं।

एफआईआऱ में कई धाराएं गैर-जमानती

अभिषेक के खिलाफ मुकदमा लिखाने वाले राजीव सरकार ने आरोप लगाया कि टीएमसी सासंद ने विधानसभा चुनाव के दौरान कई चुनावी कार्यक्रमों में दिये गए भाषणों में आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देने वाली बातें कही गईं। इन भाषणों के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिये धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में दर्ज की गई एफआईआर में कई गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। इस शिकायत में अभिषेक बनर्जी के विवादित बयानों के वीडियो और लिंक भी प्रमाण के तौर पर सौंपे गये हैं।

तीन साल तक की हो सकती है कैद

जानकारों की मानी जाए तो जिन धाराओं में टीएमसी सांसद के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज की गई उसमें बीएनएस की धारा 196 गैर-जमानती अपराध है, जिसमें तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, अभिषेक बनर्जी पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(2) और धारा 125 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। एफआइआर के मुताबिक इन भाषणों में कथित तौर पर ऐसे भड़काऊ और धमकी भरे बयान थे, जिनसे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था. पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया।

साइबर क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया मुकदमा

टीएमसी सांसद के खिलाफ एफआईआर करने की शिकायत करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजीव ने बताया कि यह मामला सिर्फ अभिषेक बनर्जी का नहीं है. किसी भी नेता द्वारा दूसरे नेता के खिलाफ ऐसी भाषा और धमकियों का इस्तेमाल करना मंजूर नहीं है। राजीव सरकार 5 मई को शिकायत लेकर बागुईहाटी थाने गये थे। बाद में मामला साइबर क्राइम ब्रांच भेजा गया जहां विधाननगर साइबर क्राइम विभाग में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज की गई।

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