डपरेरी पेसमेकर डालने के बाद कराई डिलीवरी

निशंक न्यूज।

कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सामने एक ऐसी गर्भवती महिला का चुनौती भरा केस आया जिसमें उन्होंने पेसमेकर लगाकर किया उसका ऑपरेशन किया और उसकी जान बचायी।

जीएसवीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध जच्चा बच्चा अस्पताल में एक गंभीर हालत में गर्भवती महिला मरीज आयी जिसका पूरी तरह से हार्ट ब्लॉकेज की शिकायत थी जिसके कारण उसकी दिल की धड़कन कभी भी रूक सकती थी। डॉ शैली अग्रवाल ने बताया कि महिला मरीज को अचानक बेहोशी और चक्कर आने की समस्या हुई जिसके बाद उसे ’जच्चा’- ’बच्चा’ ’अस्पताल’ में भर्ती कराया गया। गर्भवती महिला को जो समस्या थी। जांच में पता चला कि हृदय की विद्युत प्रणाली बाधित हो गई है जिसे चिकित्सीय भाषा में पूरी तरह से हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है। यह समस्या लगभग 20 हजार में से किसी एक गर्भवती को हो सकती है। इस चुनौती भरे केस को डॉ शैली अग्रवाल और उनकी टीम से महिला मरीज को पेसमेकर लगा कर उसका सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया और उसकी जान बचाई। अपरेशन करने वाली टीम में मुख्य रूप से डॉ दिव्या द्विवेदी डॉ. शुचिता त्रिपाठी , डॉ पंखुड़ी, डॉ पूजा तथा जूनियर बेहोशी के डॉ अपूर्व अग्रवाल, डॉ सत्येंद्र एवम तथा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर डॉ एम एम सिंह की टीम के सहयोग से यह जटिल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पहले कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स के द्वारा मरीज को बाहरी पेसमेकर लगाया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज और उसका बच्चा दोनों पूर्णतया स्वस्थ हैं। परिवार ने डॉक्टरों की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

गले में डाला डपरेरी पेसमेकर

डॉ शैली अग्रवाल ने बताया कि महिला गर्भवती थी इस लिए उसका ऑपरेशन करके पेसमेकर डालना संभव नही था। ऐसे में कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों की मदद से महिला के गले में एक डपरेरी पेसमेकर डाला गया। इसके बाद उसकी हार्ट बीट नॉर्मल हुई। आधे घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। ऑपेरशन के बाद मरीज और उसका बच्चा दोनो स्वस्थ है। इस सफल ऑपरेशन पर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ संजय काला चाचा बच्चा अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ रेनू गुप्ता ने पूरी टीम को बधाई दी।

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