निशंक न्यूज, कानपुर।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के अंतर्गत जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पं०) शामिल हुए।
बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि लक्षित 590 आरआरसी में से 571 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, 12 का कार्य प्रगति पर है जबकि 7 ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्ध न होने से निर्माण लंबित है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माणाधीन सभी आरआरसी को 15 दिनों में हर हाल में पूरा कराया जाए और जहां भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित तहसील से समन्वय स्थापित कर 3 दिनों के भीतर भूमि उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने संचालन में लापरवाही पर भी सख्ती दिखाई। कल्याणपुर के सहायक विकास अधिकारी (पं०) के विरुद्ध विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने और शिवराजपुर के एडीओ (पं०) को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर 10 दिनों के भीतर सभी आरआरसी का शत-प्रतिशत संचालन प्रारंभ हो जाना चाहिए।
समिति को अवगत कराया गया कि अब तक 349 ग्राम पंचायतों से 43.37 लाख रुपये की धनराशि संचालन गतिविधियों के माध्यम से एकत्रित की गई है। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत बिल्हौर देहात और रमईपुर में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का उल्लेख करते हुए उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कूड़ा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था विकसित हो सके। जिलाधिकारी ने आरआरसी सेंटर के संचालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दस सचिवों को आगामी दो अक्टूबर को सम्मानित करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी एडीओ पंचायत नियमित रूप से ग्राम पंचायतों में मौजूद रहें और ग्रामीणों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। जिन अधिकारियों द्वारा ओवर रिपोर्टिंग की गई है, उनकी जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों में हर घर नल से जल योजना पूर्ण हो चुकी है, उनकी सूची मुख्य विकास अधिकारी और संबंधित ब्लॉक प्रमुख को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए रोस्टर तैयार कर नियमित सफाई की जाएगी और इसकी मॉनिटरिंग स्वयं जिला पंचायत राज अधिकारी करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि शीघ्र ही विकास भवन में एक कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, गौशालाओं में चारे की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी। साथ ही यह कॉल सेंटर ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की भी मॉनिटरिंग करेगा।