निशंक न्यूज।
कानपुर। एक समय कानपुर के सबसे खूंखार अपराधियों में एक रहे टी-2 गिरोह के रफीक का सबसे खास रहे शातिर अमजद उर्फ बच्चा को आखिरकार शहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। रफीक व उसके भाई तौफीक उर्फ बिल्लू के मुठभेड़ में मारे जाने और अन्य भाइयों अतीक, शफीक, अफजाल तथा बाले के जेल जाने के बाद शहर में अपनी वसूली बढ़ाने के लिये एक डाक्टर पर गोली चलाने के बाद से फरार चल रहे इस कुख्यात को कई साल से पुलिस तलाश रही थी। अमजद की गिरफ्तारी को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पहले चलाता था रफीक की गाड़ी फिर करने लगा मुखबिरी
पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो अमजद उर्फ बच्चा क्षेत्र में अपना दबाव बनाने के लिये डी-2 गैंग से सबसे तेज अपराधी रफीक की गाड़ी चलाता था। हमेशा साथ रहने के कारण लोग रफीक से मिलने के लिये बच्चा को ही सेट करते थे इसके बदले अमजद की आमदनी भी हो जाती थी। इस बीच एक बात को लेकर रफीक ने कुछ लोगों के सामने ही अमजद उर्फ बच्चा को थप्पड़ मार दिया जिससे वह आहत हुआ तब तक अमजद अपने गुरू रफीक के उन अड्डों को जान चुका था जहां से रफीक की वसूली आती थी। उसने रफीक के परिवार के ही एक सदस्य से दोस्ती बढ़ाई जो भीतर ही भीतर रफीक तथा इस गिरोह के प्रभाव से नाखुश रहता था। रफीक के परिवार के इस खास से मिलने के बाद इन दोनों ने पुलिस की मुखबिरी शुरू कर दी औैर इन दोनों की मदद से पुलिस डी-2 गिरोह का आतंक खत्म करने में सफल हो सकी।
वसूली करने के लिये अपराध जगत में जमाई पैठ

जानकार सूत्रों का कहना है कि डी-2 गैंग का लगभग सफाया हो जाने के बाद अमजद उर्फ बच्चा स्वयं अपराधी जगत में पैठ बनाने लगा उसे रफीक की सेवा करने वालों की जानकारी थी इसलिये वह इनसे पैसा लेने का प्रयास करने लगा। इस बीच इस गैंग के सफाये में काफी हद तक पुलिस का साथ देने वाले रफीक के परिवार के सदस्य ने अपना प्रभाव जमा लिया तो अमजद को यहां से भागना पड़ा। इस बीच अपना प्रभाव जमाकर वसूली बढ़ाने के लिये बच्चा के कुछ घटनाएं भी की लेकिन वह अपनी वसूली बढ़ा नहीं सका जिसके चलते वह यहां से चला गया और मुंबई में उन लोगों के संपर्क में आकर अपराध जगत में जड़े मजबूत करने लगा जो रफीक के बड़े भाई और डी-2 गिरोह के सरगना रहे अतीक तथा शफीक के साथ अपराध जगत में सक्रिय रहते थे। करीब तीन साल पहले उगाही के चक्कर में उसने शहर के चर्चित डाक्टर पर गोली चलाई लेकिन दबाव बढ़ने पर उसे यहां से भागना पड़ा।
पुलिस इनाम बढ़ाती रहे लेकिन बच्चा को ढूढ न सकी

अनवरगंज थानाक्षेत्र के डिप्टी पड़ाव में दरबार अपार्टमेंट के बाहर क्लीनिक से निकलकर कार में बैठते वक्त डॉ. नसीम के ऊपर बच्चा उर्फ अहमद ने खुलेआम फायर झोंककर सनसनी फैलाई थी। गोलीकांड में डॉ. नसीम जख्मी हुए थे। बच्चा ने कई मर्तबा धमकाने के बावजूद महीना नहीं मिलने के कारण डॉ. नसीम पर गोली चलाई थी। वारदात के बाद बच्चा भाग गया, तलाश में पुलिस जुटी रही। पुलिस ने पहले बच्चा पर 25 हजार का इनाम घोषित किया इसके बाद यह इनाम बढ़ते-बढ़ते एक लाख रुपये हो गया लेकिन पुलिस इस शातिर दिमाग अपराधी को पकड़ नहीं सकी। इधर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने पुराने अपराधियों के संबंध में जानकारी जुटाने को कहा तो पुलिस की नजर फिर एक लाख के इनामी बच्चा पर टिकी। डीसीपी सेंट्रल के निर्देश पर बनाई गई रणनीति पर काम करते हुए पुलिस ने अपना संजाल बिछाया और इस बार जब बच्चा शहर में बड़ी वारदात करने की नीयत से कानपुर आया तो अनवरगंज तथा क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दबोच लिया।