निशंक न्यूज नेटवर्क
कानपुर बार एसोसोसिएशन के वार्षिक चुनाव को लेकर असमंजस के बादल छंट गए हैं। हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन के चुनाव समय रहते कराने का निर्देश दिया है। यूपी बार काउंसिल और कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव तिथि में टकराव न हो, इसके लिए दोनों चुनावों के बीच दस दिन का अंदर रखने को कहा है। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव की सरगर्मी फिर तेज हो गई है। प्रदेश की सबसे बड़ी बार एसोसिएशन में से एक कानपुर बार एसोसिएशन का चुनाव बेहद खास होता है और सभी की नजर रहती है। हालांकि निशंक न्यूज ने आठ दिसंबर को ही कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव समय पर होने की संभावना जताते हुए जानकारी दी थी।
15 नवंबर को समाप्त हो चुका है कार्यकाल
कानपुर बार एसोसिएशन की कमेटी का कार्यकाल एक वर्ष का होता है, जो बीती 15 नंवबर को पूरा हो चुका है। अधिवक्ता अमित सिंह महामंत्री व इंदीवर वाजपेयी अध्यक्ष हैं। इधर यूपी बार काउंसिल के चुनाव की सरगर्मी तेज है और लगभग डेट भी फाइनल हो चुकी हैं। इसके चलते बार काउंसिल आफ इंडिया के निर्देश के बाद यूपी बार काउंसिल ने चुनाव में व्यवधान से बचने के लिए नोटिफिकेशन जारी करके जिलों की बार एसोसिएशन के चुनाव फिलहाल बढ़ाने को कहा था। बार एसोसिएशन के मतदान की तिथि यूपी बार काउंसिंल के चुनाव के बाद ही रखने को कहा गया था। इससे कानपुर बार एसोसिएशन के चुनावी गतिविधियां धीमी पड़ गई थीं।
एल्डर कमेटी ने शुरू कर दी थी चुनावी प्रक्रिया
वर्तमान कमेटी का कार्यकाल पूरा होते ही एल्डर कमेटी ने चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी थी लेकिन यूपी बार काउंसिल का नोटिफिकेशन के बाद असमंजस की स्थिति बन गई थी। अधिवक्ताओं में भी चर्चाएं शुरू हो गई थी कि अब कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव प्रदेश में बार काउंसिल के चुनाव संपन्न होने के बाद ही होंगे।
हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी याचिका
कानपुर बार एसोसिएशन चुनाव समय पर कराने को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश कुमार शुक्ला की आरे से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें यूपी बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को प्रतिवादी बनाया गया था। इसमें यूपी बार काउंसिल द्वारा जिलों की बार एसोसिएशन के चुनावों को टालने के नोटिफिकेशन को चैलेंज किया गया। उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। प्रतिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अशोक कुमार तिवारी, शासकीय अधिवक्ता साईं गिरिधर एवं विपुल पांडे ने बायलॉज और अधिकारों का हवाला देते हुए अपनी दलीलें दी। जब खास तौर पर पूछा गया कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन को ऐसे निर्देश जारी करने की शक्ति या अधिकार स्टेट बार काउंसिल के पास कहाँ से आता है, तो प्रतिवादी नंबर 2 के वकील ने बताया कि यह UP बार एसोसिएशनों के मॉडल बाय-लॉज से आता है। फिर यह किस अधिकार के तहत बाध्यकारी है और किस आधार पर और किस अधिकार से यह बार एसोसिएशनों के लिए इन बाय-लॉज के अनुसार चलना अनिवार्य है, ऐसा न करने पर बार काउंसिल से उनकी सदस्यता खत्म की जा सकती है। दोनों पक्षों की सुनने के बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आदेश जारी किया है।
हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दिया आदेश
हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश अतुल श्रीधरन एवं माननीय न्यायाधीश अनीश कुमार गुप्ता ने सुनावाई के बाद अपने आदेश में कहा है कि बेंच की राय है कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पास बार एसोसिएशन के चुनावों को कंट्रोल या रेगुलेट करने का अधिकार नहीं था, जो अपने खुद के बाय-लॉज़ से चलते हैं। उनके पास स्टेट बार काउंसिल को वह लेटर जारी करने का अधिकार था, लेकिन स्टेट बार काउंसिल के पास मौजूदा कानून के तहत राज्य के बार एसोसिएशन को ऊपर बताई गई अवधि के लिए अपने चुनाव रोकने का निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं था। स्टेट बार काउंसिल के पास भले ही किसी कानून या नियमों के तहत कोई अधिकार न हो, बार एसोसिएशन के चुनाव को रेगुलेट या कंट्रोल करने का। यह याचिका खारिज की जाती है और संबंधित बार एसोसिएशन को चुनाव अपने बायलॉज के अनुसार कराने की अनुमति दी जाती है। चूंकि स्टेट बार काउंसिल के चुनाव भी नोटिफाई किए गए हैं, इसलिए, बार एसोसिएशन के चुनावों का शेड्यूल नोटिफाई करते समय, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि यूपी बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के चुनाव शेड्यूल के बीच कोई टकराव न हो और दोनों चुनावों की तिथियों बीच दस दिन का अंतर होना चाहिये।
क्या कहते हैं वरिष्ठ अधिवक्ता एंव पूर्व पदाधिकारी
याचिका के वादी वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उच्च न्यायालय की दो न्यायामूर्तियों की खंड पीठ ने एल्डर कमेटी को बार एसोसिएशन के चुनाव समय पर कराने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार यूपी बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के चुनाव तिथियों में दस दिन का अंतर रखा जाएगा। कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री भानु प्रताप सिंह ने बताया कि याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने समय पर ही कानपुर बार एसोसिएशन के चुनाव कराने के आदेश दिये हैं। मतदान व नामांकन आदि की तारीखों में आदेशानुसार अंतर रखा जाएगा।
