निशंक न्यूज
कानपुर। सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के वादे और दावे कितने भी कर ले, लेकिन अपराधियों को राजनैतिक संरक्षण और नेताओं-विधायकों के रसूख के सामने समान कानूनी अधिकार का संवैधानिक वादा भी बेअसर सा नजर आने लगता है। कानपुर साउथ के बाबूपुरवा थानाक्षेत्र स्थित मुंशीपुरवा इलाके की ये शर्मसार करने वाली वारदात बीते 2 जून, यानि डेढ़ महीने से कुुछ अधिक पुरानी है, लेकिन पूरा जोर लगाकर इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। एक 13 साल की नाबालिग बच्ची को उसके घर के पास ही स्थित एक गली में अपराधियों और नशेड़ियों ने दबोच कर अश्लील हरकत कर डाली। बच्ची तो अपनी हिम्मत से बच गई, लेकिन चार आरोपियों को इलाके कुछ पार्षदों और विधायक के कथित संरक्षण के चलते आज तक उसकी मां न्याय पाने को दर-दर भटक रही है। उसको धमकियों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
महानगर के दक्षिण में स्थित बाबूपुरवा के मुंशीपुरवा में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची घर का कुछ सामान लेने के लिये, रात को नौ बजे गली में स्थित दुकान पर जाने के लिये निकलती है। वो कुछ दूर ही पहुंची थी कि वहां गली में दीवार से सटाकर खड़े किये गये ई-रिक्शों में बैठे अराजक तत्वों और नशेड़ियों में से एक ने अचानक बच्ची का हाथ पकड़कर उसे घसीट लिया। रिक्शे पर पड़े चादर की आड़ में अचानक अपना मोबाइल बच्ची के सामने करके उसे अश्लील पार्न वीडियो दिखाने लगा। इससे पहले कि बच्ची कुछ करती, उक्त अराजक तत्व ने उसका कुर्ता और चुन्नी खींचने का प्रयास किया। इस बीच वहां जमा बाकी अराजक तत्व भी बच्ची की ओर लपके। नशेड़ियों की हरकत से दहशत में आई नाबालिग बच्ची झटके से खुद को उसके चंगुल से छुड़ाकर चीखती हुई घर की तरफ भागी। बच्ची ने अपनी मां, नाना और नानी को पूरी घटना बताई। नाबालिग ने परिजनों को ये भी बताया कि उसके साथ घिनौनी हरकत करने वाले इलाके के ही चार अराजक तत्व लिल्लील, उप्पल, अरशद और आमिर लंगड़ा थे। तमतमाई बच्ची की मां तुरंत नाबालिग बेटी और चंद लोगों को लेकर वारदात स्थल पर पहुंची। वहां पर चारों ही आरोपियों को बैठा देखकर कड़ी फटकार लगाई और तुरंत वहां से हट जाने को कहा। इसका विरोध करते हुये इन चारों अराजक तत्वों कहा कि वो गली में लगी सरकारी पानी की टंकी से रबड़ लगाकर पानी भर रहे हैं, इसलिये वहां से नहीं हटेंगे। पीड़ित बच्ची की मां द्वारा दी गईं एप्लीकेशन के अनुसार पीड़ित बच्ची की मां ने इलाकाई लोगों से इन तत्वों को हटाने की गुहार लगाई, तो मां के अनुसार राशिद, अरशद, सईम, आमिर नाम के चार अन्य व्यक्ति वहां आ धमके, जिनपर आरोप है कि उस इलाके में चरस, गांजा, स्मैक आदि नशे का कारोबार करते हैं। पीड़िता की मां का आरोप है कि इन चारों नशा करोबारियों ने भी अराजक तत्वों का भरपूर समर्थन कर बचाव किया और उनको धमकाया। पीड़िता और मां ने बाबूपुरवा पुलिस चौकी और थाने में जाकर गुहार लगायी, लेकिन उन्हें कई दिनों तक टर्काया जाता रहा।
पीड़िता की मां के अनुुसार वो एक तलाकशुदा अकेली महिला और चार बेटियों की मां हैं। उन्होंने घटना के 10 दिन बाद, यानि 12 जून को एक समाजसेवी महिला के सहयोग से, वार्ड 36 के पार्षद अशोक पाल और जलकल के अधिकारियों के साथ उक्त सरकारी टंकी व मोटर से लगी निजी रबड़ की पाइपों को हटवा दिया। क्योंकि सरकारी मोटर में निजी पाइप लगाकर पानी भरने के बहाने अराजक तत्व वहां घंटों बैठकर चरस-गांजा बेंचते, नशा करमे और आती-जाती महिलाओं व बच्चियों से खुलेआम छेड़खानी करते थे। पीड़िता की मां के अनुसार इलाके और आसपास के कई सपा नेताओं और पार्षदों को ये बात काफी नागवार गुजरी, क्योंकि बेटी से अश्लीलता और छेड़खानी के आरोपियों को वो सब ही संरक्षण देते हैं। पीड़िता की मां के अनुसार उनके वार्ड 36 के मुंशीपुरवा का वारदात स्थल एक ऐेसी गली है जिसमें जगह-जगह ई-रिक्शा खड़े करके, उनके चारों ओर पर्दे लगाकर, उसके अंदर अराजकों को चरस-गांजा जैसे नशे का सेवन कराने की सुविधा दी जाती है। इलाके के कई घरों के लोग इस अपराध वाली गली के अपराधों में जिम्मेदार और हिस्सेदार हैं।
पीड़िता की मां व परिजनों का अरोप है कि सरकारी मोटरों से निजी पाइपों को हटवाने से बौखलाये आसपास के सपा पार्षदों, वार्ड 105 के मेराज, वार्ड 102 के सपा पार्षद अकील शानू सहित कैंट से सपा विधायक हसन रूमी और उनके भाई तक ने आरोपियों के पक्ष में गुट बनाकर उनको मानसिक प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जबकि वो खुद कैैंट विधायक के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचीं थीं। लेकिन अब वो विधायक ही आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी के संग हुये अपराध की एफआईआर दर्ज नहीं होने दे रहे हैं। शीर्ष पुलिस अधिकारियों की चौखट पर कइ्र बार जा-जा कर उन्होंने घटना बताई, एप्लीकेशनें दीं…पुलिस ने उनका बयान भी दर्ज कर लिया.. आश्वासन भी खूब मिले, लेकिन डेढ़ महीने से ऊपर हो जाने के बावजूद बाबूपुरवा पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। आरोप है कि इस बीच 29 जून को पुलिस और सपा नेताओं के कथित दबाव में घटना स्थल के पास हुई चौपाल में पीड़िता की मां और उनकी मदद को आईं समाजसेविका के संग धक्कामुक्की व अभद्रता की गई। पीड़िता और मां के अनुसार ऐसे में उनकी जान को भी लगातार खतरा है। उधर मामले पर एसीपी बाबूपुरवा कार्यालय का कहना है कि मामले में जांच प्रचलित है, जल्द आगे की कार्रवाई की जायेगी।
सपा विधायक पीड़िता के लिये बोले ‘‘मक्कार औरत है वो..’’
तेरह वर्षीय नाबालिग से अराजक तत्वों द्वारा अश्लीलता के इस मामले में कैंट के समाजवादी पार्टी के विधायक मो. हसन रूमी का रवैया बेहद निराशाजनक और हैरतंगेज रहा। कैंट विधायक ने फोन पर पीड़िता की मां का नाम लेते ही आक्रोश हो उठे। उन्होंने संवाददाता से कह डाला कि मैं क्यों ऐसी चलते फिरते-औरतों और मर्दों के बारे में वर्जन दूं….वो औरत वहां इलाके में गुंडागीरी कर ही है और खुद सरकारी पंप से पानी भरवाकर और भरकर, पंप को जबरन बंद करवाकर लोगों को परेशान कर रही है, ऐसे में कोई बयान नहीं दूंगा…। जब कहा गया कि पीड़िता की मां की एप्लीकेशन में उनका (विधायक हसन रूमी का) नाम है, तो बोले कि आप मामले पर मेरा वर्जन चाहते हैं तो सुनिये…वो (पीड़िता की मां, शिकायतकर्ता) सरासर झूठ बोल रही है, वो हर तरह से एक मक्कार औरत है।
भाजपा विधायक पीड़िता की मदद को आगे आये
मामले में लंबे अरसे तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने से परेशान पीड़ित नाबालिंग की मां भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पास पहुंची। बता दें कि राहुल सोनकर बिल्हौर से भाजपा विधायक हैं, लेकिन उनका मूल निवास स्थान बाबूपुरवा के मुंशीपुरवा के पास ही है। क्षेत्रीयता और पड़ोसी के नाते पीड़िता जब एक सोशल वर्कर संग भाजपा विधायक राहुल के पास पहुंची तो उन्होंने पीड़िता की मां को न्याय दिलाने को पुलिस कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर तक के सामने साथ में जाकर पेश करवाया। इतना ही नहीं, शीर्ष पुलिस अधिकारियों से जांच के आदेश करवाये, इसपर उनके बयान भी पुलिस ने दर्ज किये। पीड़िता की मां के अनुसार इसके कई दिन बाद कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा विधायक ने संबंधित एसीपी को खुद फोन करके मामले की प्रगति जानी। इस बारे में पूछने पर भाजपा विधायक कार्यालय ने कोई सीधी प्रतिक्रिया देने से मना किया। कहा गया कि हमारी विधानसभा की नहीं तो क्या, जनप्रतिनिधि होने के नाते किसी भी पीड़ित की गुहार पर उसके काम आने को तत्पर हैं।
