निशंक न्यूज
कानपुर। दिल्ली में छात्र-छात्राओं के साथ अभद्रता और कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा बुधवार को फूलबाग में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिनभर राजनीतिक हलचल रही। सुबह से ही पुलिस ने कई सपा नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया और फूलबाग में पार्टी की ओर से लगाया गया प्रदर्शन का तंबू भी हटवा दिया। इसके बावजूद शाम को सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फूलबाग पहुंच गए, जहां पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी ने दिल्ली में छात्र-छात्राओं पर हुए कथित हमले के विरोध में शहर के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को फूलबाग में आमंत्रित किया था। पुलिस को पहले से प्रदर्शन की जानकारी थी, जिसके चलते सुबह से ही कई प्रमुख सपा नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया गया। साथ ही फूलबाग में प्रदर्शन के लिए लगाए गए तंबू को भी हटवा दिया गया।

शाम होते-होते विधायक अमिताभ वाजपेयी, विधायक मोहम्मद हसन, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, पार्षद रजत वाजपेयी तथा बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सपा नेता योजनाबद्ध रूप से एक एक करके घरों से निकल पड़े और फूलबाग गांधी प्रतिमा पहुंचने लगे। फिर जैसे ही वहां शहर के सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी, कैंट के हसन रूमी, और सीसामऊ के पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी पहुंचे। इस बीच पार्षद रजत वाजपेयी भी टीम के साथ यहां पहुंचे। सपा नेताओं ने पुलिस द्वारा तालाबंद कर दी गई गांधी प्रतिमा गेट पर ही धरना प्रदर्शन और सरकार विरोधी नारेबाज़ी शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में पुलिस वहां पहुंच गई और धरने प्रदर्शन की परमिशन नहीं होने के बात कहकर लाठियां पटककर सपाइयों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इससे सपाइयों के हुजूम में भगदड़ मच गई और कई सपा नेता व कार्यकर्ता यहां वहां गिर गए। पुलिस का आरोप है कि सपाई गेट का ताला तोड़कर जबरन गांधी प्रतिमा स्थल में घुस गए थे। उन्होंने ही वहां हंगामा-बवाल शुरू कर दिया इसपर लाठी पटक कर खदेड़ा गया। फिर इन सबको गाड़ियों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
विधायकों के अलावा अंबर त्रिवेदी, कृपाशंकर त्रिवेदी, हरी ओम पांडे, मो सारिया, आशू खान, रविशंकर मिश्रा, वीरेंद्र त्रिपाठी, चंकी गुप्ता, पुण्य जैन, विक्की जायसवाल, दुर्गेश चक, सौरभ गुप्ता, मिंट ू गुप्ता, विनोद पांडे, विजय अवस्थी, कीर्तिमान अवस्थी, आकाश सिंह सनी, अंकित तिवारी, रियाज राजू, सोनू त्रिपाठी, विस्सू यादव, मोनू यादव, कन्हैया शुक्ला, हर्ष नागवंशी, संस्कार खरे, आयुष, मर्फी, राजा, आशीष, अतुल विकास गुप्ता, आकाश यादव, विकास यादव, निहाल, जावेद, नितिश आदि भी मौजूद रहे।फूलबाग पहुंच गए। यहां नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के साथ अभद्रता लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों से अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को पीछे धकेला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पुलिस ने विधायक अमिताभ वाजपेयी सहित कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। फूलबाग में हुई इस कार्रवाई को लेकर देर शाम तक राजनीतिक बयानबाजी जारी रही और सपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
