कुशाग्र अवस्थी
आप बैंक कर्मियों पर आंक मूंदकर भरोसा न करें। अपने आधार व पेन कार्ड पूरी पड़ताल करने के बाद ही उन्हें दें क्योंकि कानपुर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बैंक कर्मी खाताधार के आधार व पेन कार्ड का बेजा इस्तेमाल करते रहे। इन लोगों ने खाताधारक के पेन कार्ड व आधार कार्ड का बेजा इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का लेन देन कर लिया। इस घालमेल का खुलासा कर कानपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम ने बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
शिकायत पर सामने आया मामला

साइवर ठगों के खिलाफ अभियान चला रही एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने पूछने पर बताया कि साइबर क्राइम थाना, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर में प्राप्त शिकायत के आधार पर एक प्रकरण प्रकाश में आया है, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि उनके नाम, पहचान संबंधी दस्तावेजों एवं फोटो का कथित रूप से दुरुपयोग कर फेडरल बैंक, शाखा अशोक नगर, कानपुर नगर में एक बैंक खाता खोला गया तथा उक्त खाते का उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में किया गया।
हस्ताक्षर बदले होने से खुला खेल
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित फेडरल बैंक खाता संख्या 23850200000728 के संबंध में नोटिस प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत उन्होंने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क किया। बैंक स्तर पर प्राप्त प्रारंभिक जानकारी में यह तथ्य संज्ञान में आया कि संबंधित खाते में शिकायतकर्ता के आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो का उपयोग किया गया है। हालांकि, खाते पर अंकित हस्ताक्षरों को शिकायतकर्ता द्वारा अपना न होना बताया गया है। इसके अतिरिक्त खाते में दर्ज मोबाइल नंबर शिकायतकर्ता का न होना तथा खाता खोलने से संबंधित दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां भी प्रकाश में आई हैं।
मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए साइबर क्राइम थाना द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान संबंधित बैंक शाखा से अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, खाते का ट्रांजैक्शन विवरण, मोबाइल नंबर सम्बन्धित जानकारी एवं संबंधित बैंक अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि बैंक खाता संख्या 23850200000728 दिनांक 13 अप्रैल 23 को फेडरल बैंक, शाखा अशोक नगर द्वारा खोला गया था। बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि उक्त खाते में दिनांक 14 अप्रैल से 26 अप्रेल तक कुल दस करोड़ छह लाख इक्यावन हजार एक सौ छह रुपए जमा हुए तथा नौ करोड़ बानवे लाख बीस हजार पांच सौ चौहत्तर रुपए निकाल लिये गये।
गड़बड़ी होने पर करें 1930 नंबर पर शिकायत

साथ ही यह भी परीक्षण किया जा रहा है कि शिकायतकर्ता की पहचान का दुरुपयोग कर किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम तो नहीं दिया गया। प्रकरण में उपलब्ध डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में यदि किसी व्यक्ति, बैंक कर्मचारी अथवा अन्य की संलिप्तता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानपुर नगर पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक दस्तावेज, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारियां किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करें। समय-समय पर अपने बैंक खातों एवं केवाईसी विवरण की जांच करते रहें। यदि किसी व्यक्ति को अपने नाम पर फर्जी खाता, संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी प्राप्त होती है, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना/साइबर से संपर्क करें।
