माघी पूर्णिमा पर दान से खुलता पुण्य और भाग्य का द्वार

वेद गुप्ता

माघ माह की पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि स्नान दान और ग्रह शांति के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। वर्ष 2026 में माघी पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में रहेगा, जिससे चंद्र ग्रह के साथ गुरु और सूर्य के प्रभाव भी विशेष रूप से सक्रिय होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया दान और जप कई जन्मों के पापों का नाश करता है।

माघी पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

शास्त्रों में वर्णन है कि माघ माह में गंगा या किसी पवित्र नदी में किया गया स्नान सीधे देवताओं तक फल पहुंचाता है। माघी पूर्णिमा पर स्नान के साथ दान और संयम का विशेष महत्व है। यह दिन मन की शुद्धि, ग्रह दोष शांति और सौभाग्य वृद्धि का अवसर प्रदान करता है।

इन ग्रहों की कृपा होती है विशेष

माघी पूर्णिमा पर मुख्य रूप से चंद्र, गुरु और सूर्य ग्रह को अनुकूल किया जा सकता है।

चंद्र ग्रह मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक है। इस दिन दूध, चावल और सफेद वस्त्र का दान करने से मानसिक तनाव दूर होता है।

गुरु ग्रह ज्ञान, भाग्य और धर्म से जुड़ा है। पीली वस्तुओं का दान और जरूरतमंद विद्यार्थियों को भोजन कराने से गुरु की विशेष कृपा मिलती है।

सूर्य ग्रह आत्मबल और स्वास्थ्य का प्रतीक है। तांबे के पात्र में जल, गुड़ और लाल पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य देने से मान सम्मान और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।

राशि अनुसार दान का महत्व

मेष राशि वालों को लाल वस्त्र, गुड़ या मसूर दाल का दान करना चाहिए। इससे आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।

वृषभ राशि के लिए दूध, चावल और सफेद मिठाई का दान श्रेष्ठ माना गया है। यह आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख देता है।

मिथुन राशि वाले हरी मूंग दाल या हरे वस्त्र का दान करें। इससे बुद्धि और वाणी में प्रभाव बढ़ता है।

कर्क राशि वालों के लिए दूध और चावल का दान मानसिक शांति और पारिवारिक सुख देता है।

सिंह राशि के जातक गेहूं, गुड़ और तांबे का दान करें। इससे मान सम्मान और स्वास्थ्य में सुधार होता है।

कन्या राशि वालों को अनाज, पुस्तकें या हरी सब्जियों का दान करना चाहिए। इससे नौकरी और निर्णय क्षमता में लाभ होता है।

तुला राशि के लिए सफेद वस्त्र और सुगंधित वस्तुओं का दान वैवाहिक जीवन में संतुलन लाता है।

वृश्चिक राशि के जातक काले तिल या कंबल का दान करें। इससे भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

धनु राशि वालों के लिए पीले वस्त्र, चना दाल और हल्दी का दान भाग्य वृद्धि करता है।

मकर राशि के जातक काले तिल और सरसों के तेल का दान करें। इससे शनि दोष की शांति होती है।

कुंभ राशि वालों को कंबल, जूते या नीले वस्त्र का दान करना चाहिए। यह सामाजिक सम्मान और स्थिरता देता है।

मीन राशि के लिए पीली मिठाई, केला या धार्मिक पुस्तक का दान शुभ माना गया है। इससे मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

क्या करें और क्या न करें

माघी पूर्णिमा के दिन स्नान करने के बाद जरूरतमंद को भोजन कराएं और वाणी तथा आचरण में संयम रखें। क्रोध, कटु वचन, तामसिक भोजन और नशे से दूर रहना चाहिए।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किया गया छोटा सा दान भी बड़े पुण्य का कारण बनता है। माघी पूर्णिमा आत्मशुद्धि और ग्रह अनुकूलता का दुर्लभ अवसर है, जिसे श्रद्धा और विश्वास के साथ अवश्य अपनाना चाहिए।

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