“VB-ji Ram ji” गरीब-किसान-श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाएगा “VB-जी राम जी”

आलोक ठाकुर

कानपुर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शनिवार को कानपुर पहुंचे, जहां क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत गारंटी आजीविका मिशन अधिनियम (वी.जी. रामजी)को मजदूरों और किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत देश के गरीब, किसान और श्रमिक को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

भ्रम फैला रहे विपक्षी दल, फैलाई जा रही फेक न्यूज

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संसद से पारित इस अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है और फेक न्यूज़ फैलाई जा रही है। इसी भ्रम को दूर करने और प्रदेश व कानपुर की जनता को सही जानकारी देने के उद्देश्य से वे प्रेस के माध्यम से जनता के बीच आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून सीधे तौर पर श्रमिकों की आजीविका, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

पहले रहता था शेष दिनों में आजीविका का संकट

बृजेश पाठक ने मनरेगा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना किसानों और मजदूरों के लिए बनाई गई थी, लेकिन समय के साथ इसमें कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। फर्जी और डबल जॉब कार्ड, समय से भुगतान न होना, संपत्ति सृजन का कोई स्थायी रिकॉर्ड न होना और केवल गड्ढे खोदने-पाटने जैसे कार्यों तक सीमित रह जाना इसकी बड़ी कमियां थीं। साथ ही, मनरेगा में सिर्फ 100 दिनों की रोजगार गारंटी होने से मजदूरों के सामने शेष दिनों में आजीविका का संकट बना रहता था।

काम न मिला तो दिया जाएगा बेरोजगारी भत्ता

उन्होंने बताया कि वी.जी. रामजी अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों को अधिक दिनों तक सुनिश्चित काम मिलेगा। इतना ही नहीं, यदि किसी मजदूर ने काम के लिए आवेदन किया और ग्राम पंचायत समय पर काम उपलब्ध नहीं करा पाई, तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का भी कड़ा प्रावधान किया गया है। इससे प्रशासन की जवाबदेही तय होगी और मजदूरों का शोषण रुकेगा।उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब, मजदूर और किसान हमेशा प्रधानमंत्री के प्राथमिक एजेंडे में रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिले।

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