दर्दनाक : बच्चे उतने ही पैदा करो जिनकी सही परवरिश कर सको ; बेटों काे ईंट से कुचल फांसी पर झूल गया पिता

निशंक न्यूज नेटवर्क

कानपुर : नगर के बिल्हौर क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया, उसके सुसाइड नोट में लिखी इबारत सुनकर हर किसी का दिल रो पड़ा। एक पिता अपने दो बच्चों को ईंट से कुचलने के बाद खुद फांसी पर झूल गया। शुक्रवार को तारीख भी उसने पत्नी की मौत वाली ही चुनी। तीन साल पहले पत्नी की भी संदिग्ध मौत हो गई थी।

अरौल कस्बा निवासी 45 वर्षीय अजय कटियार सराफा व्यापारी थे। शुक्रवार सुबह उसने रोज की तरह दरवाजे पर झाड़ू लगाई, इसके बाद खुद को घर अंदर कमरे में बच्चों के साथ बंद कर लिया। उसने बेटे शुभ (7 वर्षीय ) और रुद्र (12 वर्षीय ) को ईंट से कुचला और फिर इसके बाद खुद जहरीला पदार्थ पी लिया। सुबह दुकान न खुलने पर परिजनों ने घर अंदर से बंद देखकर पुलिस को सूचना दी। कमरे का दरवाजा तोड़ने पर पुलिस पिता और लहुलुहान पड़े दोनों पुत्रों को सीएचसी ले गई। डाक्टरों ने अजय और शुभ को मृत घोषित कर दिया, जबकि रूद्र को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया।

पहले फांसी लगाने का किया था प्रयास

पुलिस को अजय के घर के आंगन में लोहे के जाल में एक चादर का फंदा भी लटकता मिला है लेकिन फंदा काफी ऊपर था। पुलिस को शंका है कि पहले अजय ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। सफल न होने पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या से पहले बच्चे की ईंट से कुचलकर हत्या की। इंस्पेक्टर के मुताबिक कमरे में फसलों के कीटनाशक का एक डिब्बा मिला है, इससे लग रहा है कि पहले अजय ने बच्चों को जहरीला पदार्थ पिलाने का प्रयास किया। बच्चों के जहरीला पदार्थ न पीने पर उन्हें ईंट से कुचल दिया।

सुबह घर के बाहर लगाई थी झाड़ू

पुलिस ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी की भी जांच की। इसमें अजय सामान्य दिखते रहे, लेकिन भीतर चल रही उथल-पुथल आसपास के लोगों को नजर नहीं आई। अजय सुबह लगभग 6:30 दरवाजे पर झाड़ू लगाते और उसके बाद लगभग 10:30 बजे घर के अंदर जाते दिखे। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह अजय सामान्य ही नजर आ रहे थे, उनके चेहरे पर कुछ ऐसा नहीं झलक रहा था। तीन साल पहले आज की ही तारीख पर उनकी पत्नी अलका की संदिग्ध मौत हुई थी। पत्नी के भी सिर पर चोट लगी थी। अजय ने जीने से गिरने की बात कही थी, जबकि मायके वालों का कहना है कि उनकी भी ईंट से हत्या की गई थी। पत्नी की मौत के बाद से अजय अंदर से काफी टूट गए थे।

सुसाइड नोट में बयां की पीड़ा

सुसाइड नोट में अजय ने अपनी पीड़ा बयां की। उसने लिखा कि पूज्य पिताजी में मैं बचपन से लेकर आज तक कितना परेशान था। आपको बात नहीं सकता। बच्चे उतने ही पैदा करने चाहिए जिनकी सही ढंग से परवरिश कर सको अब मैं इनको किसके सहारे छोडूं इसलिए मैं बच्चों को साथ लिए जा रहा हूं।

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