निशंक न्यूज।
कानपुर। कानपुर पुलिस ने शहर के करीब सौ लोगों के चेहरे पर एक ही दिन खुशी ला दी। काफी समय पहले खोया अपना मोबाइल वापस पाकर इनके चेहरे में खुशी थी और पुलिस के प्रति धन्यवाद की भाषा। मोबाइल पान वाला हर व्यक्कित पुलिस की तारीफों के पुल बांधने में लगा था और कह रहा था जैसा सुनते थे कानपुर की पुलिस अब वैसी नहीं है अब पुलिस जनता की बात सुन रही है और उसके सुख दुख में भागीदार बन रही है। मौका था डीसीपी सेंट्रल की टीम द्वारा शहर के लोगों के खोये करीब 22 लाख रुपये की कीमत के 101 मोबाइल फोन बरामद कर इन्हें फोन स्वामियों को वापस करने का।
पुलिस के प्रति बढ़ा विश्वास
कॉल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज, और लोकेशन ट्रैकिंग जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से टीम ने इन मोबाइल फोनों का लगाया पता। खोए हुए मोबाइल लौटाने से न केवल नागरिकों को आर्थिक मदद मिली बल्कि उनके निजी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित कर उनके मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मकता को भी मिला बढ़ावा।
अधिकारियों के निर्देश पर मिले 22 लाख रुपये के 101 फोन
कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों को उनके मोबाइल लौटा कर उनकी प्रसन्नता को दो गुना कर दिया है । अपनी तत्परता और समर्पण के साथ, पुलिस ने नागरिकों की समस्याओं का समाधान करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की । पुलिस आयुक्त के निर्देशन और मार्गदर्शन में, तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के निर्देशन में, सेंट्रल ज़ोन सर्विलांस टीम ने 101 खोए हुए मोबाइल फोनों को रिकवर कर उनके असली मालिकों को लौटाया। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग ₹22 लाख आंकी गई है
पुलिस की खास पहल
इस महत्वपूर्ण कार्य के तहत, सेंट्रल ज़ोन के पुलिस उपायुक्त श्रवण कुमार सिंह और अपर पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में, सर्विलांस टीम प्रभारी उप-निरीक्षक पवन प्रताप सिंह और कांस्टेबल आलोक कुमार व नवीन कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया ।

तकनीकी साधनों का उपयोग कर बरामद किये फोन
सर्विलांस टीम ने मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और कई स्थानों पर भौतिक जांच भी की । कॉल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज, और लोकेशन ट्रैकिंग जैसे आधुनिक उपकरणों का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए टीम ने इन मोबाइल फोनों का पता लगाया ।
नागरिकों को मिला पुलिस की तोहफा.बढ़ा विस्वास

खोए हुए मोबाइल फोन रिकवर कर उन्हें उनके मालिकों को लौटाने के इस अभियान ने न केवल नागरिकों को उनकी बहुमूल्य वस्तुएं लौटाई हैं, बल्कि उनकी मानसिक शांति और महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की है । मोबाइल फोनों की वापसी ने नागरिकों के लिए खास बना दिया । कई नागरिकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की इस पहल ने उनके मन में नया विश्वास जगाया । पुलिस द्वारा किए गए इस संवेदनशील कार्य ने नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मकता को और बढ़ावा दिया है। कानपुर पुलिस की यह पहल पर नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है ।