ओ.पी पाण्डेय।
अलीगढ़। जिले के आरटीअो में मनमाने ढ़ग से नौसिखियों को चार पहिया वाहन का ड्राइविंग टेस्ट पास कराने के नाम पर किए जा रहे खेल में शासन ने जांच बैठाई। आरटीअो अलीगढ़ ने निरीक्षण में इस खेल को पकड़ने के बाद अपनी जांच रिपोर्ट भी परिवाहन आयुक्त को भेजी लेकिन काररवाई के नाम पर नतीजा शून्य ही निकला। एक बार फिर यह खेल शुरू हो गया, बस ड्राइविंग टेस्ट लेने के समय में बदलाव किया गया।

चार पहिया वाहन के टेस्ट में किया जा रहा खेल
बताते चले कि लम्बे समय से आरटीओ अलीगढ़ कार्यालय में निरक्षक द्वारा कार्यालय के सामने ही स्थित एक मार्केट में बैठने वाले दस नम्बरी दलाल के इशारे पर खेल कर नौसिखियों को चार पहिया वाहन चलाने का ड्राइविंग टेस्ट पास कराया जा रहा था। शिकायत यहां तक की गयी थी कि टेस्ट के लिए जो फीस जमा की जाती है उसकी रसीद दलाल के पास पहुंचती है और जिस पर्ची पर दलाल सेवा शुल्क लेने के बाद अपना कोड वर्ड अंकित कर देता था। ड्राइविंग स्कूल की दो स्टेरिंग वाली गाड़ी पर आवेदक को बैठाकर उसे ड्राइविंग टेस्ट पास करा दिया जाता था। अन्य आवेदको को टेस्ट देने के लिए अपना वाहन लेकर आने को कहा जाता था।
शासन ने गंभीरता से लेकर बैठाई थी जांच
बताया गया है कि इन शिकायतों को शासन तक ट्रवीट किया गया इसके बाद शासन स्तर पर नौसिखियो को ड्राइविंग टेस्ट पास कराकर डीएल दिए जाने की बात को शासन ने गम्भीरता से लेकर जांच बैठायी। इसके बाद अलीगढ़ के आरटीअो दीपक शाह ने एक दिन अचानक यहा छापा मारा तो यहां नौसिखियो को टेस्ट पास कराने का खेल सामने आ गया। मौके पर ही आरटीअो ने यह गड़बडी मिलने पर तल्ख शब्दो में कहा था कि यह सब क्या तमाशा बना रखा है। जानकारो का कहना है कि इसके बाद आरटीअो अलीगढ़ दीपक कुमार शाह ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ काररवाई की संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेजी। लेकिन काररवाई के नाम पर अब तक नतीजा शिफर ही रहा है।
घालमेल करने वालों ने बदला तरीका
भरोसेमंद सूत्रो का कहना है कि कोई काररवाई न होने से नौसिखियो को टेस्ट पास कराने वालो के हौसले बुलन्द है, और उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट लेने का समय बदल दिया है। तरीका वही पुराना चल रहा है। कहा जा रहा है कि खेल करने वालो ने एक परिवर्तन और किया है कि अब पर्ची पर अपना कोडवर्ड लिखने वाले दस नम्बरी दलाल ने अपने बैठने का स्थान बदल दिया है। बलिया में रहने वाले आरटीअो दीपक कुमार शाह का कहना है कि उन्होंने दो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। इन पर काररवाई का निर्णय उच्चाधिकारियों के स्तर पर ही लिया जायेगा।